वो जेल, जहां कैदियों को दी जाती है भीषण यातना, भूख लगने पर खाने को दिए जाते हैं जिंदा सांप और चूहे

दुनिया में कई ऐसी जेल हैं, जहां कैदियों को भीषण यातनाएं दी जाती हैं। उत्‍तर कोरिया का योडोक कंसंट्रेशन कैंप भी दुनिया की ऐसी ही खतरनाक जेलों में गिना जाता है।

वो जेल, जहां कैदियों को दी जाती है भीषण यातना, भूख लगने पर खाने को दिए जाते हैं जिंदा सांप और चूहे
वो जेल, जहां कैदियों को दी जाती है भीषण यातना, भूख लगने पर खाने को दिए जाते हैं जिंदा सांप और चूहे  |  तस्वीर साभार: Representative Image

प्‍योंगयांग : दुनिया में कई ऐसी जेल हैं, जहां कैदियों को बेइंतहां यातनाएं दी जाती हैं। इनमें ग्‍वांतानामो बे जेल की चर्चा अक्‍सर सुनने को मिलती है। यहां कैदियों के मानवाधिकारों के उल्‍लंघन को लेकर अमेरिका को अक्‍सर आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता है। लेकिन यह दुनिया में अकेली ऐसी जेल नहीं है। उत्‍तर कोरिया के योडोक कंसंट्रेशन कैंप को भी दुनिया की उन खतरनाक जेलों में गिना जाता है, जहां कैदियों को भीषण यातना दी जाती है।

उत्‍तर कोरिया की इस जेल का भयावह हाल उन लोगों से पता चलता है, जो किसी तरह यहां से भागने में सफल रहे। संयुक्‍त राष्‍ट्र जांच आयोग और एमनेस्‍टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स भी यहां कैदियों को दी जाने वाली भयावह यातना को बयां करते हैं, जिन्‍हें तैयार करने में सैटेलाइट्स से ली गई तस्‍वीरों का भी विश्‍लेषण किया गया। इन रिपोर्ट्स के आधार पर उत्‍तर कोरिया के इस कैंप में महिलाओं के साथ दुष्‍कर्म, गर्भपात का भी खुलासा हुआ।

18 घंटे करवाई जाती है मजदूरी

उत्‍तर कोरिया के इस कंसंट्रेशन कैंप में कैदियों से कड़ी मजदूरी कराने की बातें आम हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां कैदियों से दिन में 18-18 घंटे तक कड़ी मजदूरी करवाई जाती है। उन्‍हें जंगल से लकड़ियों के भारी गट्ठे लाने को भी कहा जाता है। इन जेलों के चारों ओर राइफल, हैंड ग्रेनेड लिए फौजी खड़े होते हैं, जो यहां से बाहर निकलने की कोशिश करने वालों को मौत की नींद सुला देते हैं। उनके साथ खूंखार कुत्तों का दस्‍ता भी होता है।

उत्‍तर कोरिया के योडोक कंसंट्रेशन कैंप में 10 साल बिताने के बाद वहां से किसी तरह बचकर निकले कांग शियोल-ह्वान के हवाले से 'द इंडिपेंट' की रिपोर्ट में बताया गया था कि वहां कैदियों को किस तरह नारकीय हालात में रखा जाता है। यहां उन्‍हें न तो समुचित भोजन दिया जाता है और न ही पहनने को ठीक-ठाक कपड़े। यहां तक कि बीमार पड़ने पर उन्‍हें किसी तरह की चिकित्‍सकीय सहायता भी उपलब्‍ध नहीं कराई जाती।

खाने को मिलते हैं सांप और चूहे

यहां कई कैदी ऐसे भी हैं, जिनका पूरा परिवार इन जेलों में बंद है। उनका कसूर महज इतना होता है कि उन्‍हें लेकर उत्‍तर कोरियाई प्रशासन को संदेह होता है कि उनकी सोच सरकार के खिलाफ जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बुरा हाल यहां विदेशी कैदियों का होता है, जिन्‍हें खाने के नाम पर महज 180 ग्राम कॉर्न दिया जाता है और अगर कोई कैदी भूख लगने की बात कहे तो उसे जिंदा चूहा या सांप खाने को कहा जाता है।

उत्‍तर कोरिया की जेल से छूटी एक महिला ने भी जेल में बिताए गए भयावह यातनाओं को याद करते हुए दो साल पहले अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया को बताया था कि उन्‍हें जेल में न केवल पीटा गया, बल्कि दूसरों के शव गाड़ने के लिए उनसे कब्र खुदवाए गए। उस महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसकी बहन ने दक्षिण कोरिया में जाकर उत्‍तर कोरिया के खिलाफ बोला था। इसके बाद ही पूरे परिवार को जेल में डाल दिया गया था।

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