उत्तर कोरिया: हर 5 वें शख्स को बुखार,4 दिन में 14 लाख मामले ! वैक्सीन नहीं होने से कोविड का खतरा बढ़ा

North Korea Covid-19 Outbreak: उत्तर कोरिया का दावा है कि 17 मई तक देश में 14 लाख लोगों को बुखार है। यानी देश का हर पांचवां शख्स बुखार से पीड़ित है।

North korea covid-10 outbreak
उत्तर कोरिया में कोविड-19 का खतरा बढ़ा 
मुख्य बातें
  • उत्तर कोरिया में फिलहाल कोई वैक्सीनेशन कार्यक्रम नहीं चल रहा है।
  • उत्तर कोरिया ने ग्लोबल वैक्सीनेशन कार्यक्रम और चीन के ऑफर को भी ठुकरा दिया था।
  • टेस्टिंग की कमी और कमजोर ट्रैकिंग सिस्टम 2.60 करोड़ लोगों के लिए खतरा बन सकता है ।

North Korea Covid-19 Outbreak: हमेशा से रहस्यमयी रहे उत्तर कोरिया ने एक बार फिर झटका दिया है। पिछले दो साल में कोविड-19 की तीन-चार लहर का सामना कर चुकी दुनिया के सामने उत्तर कोरिया ने, पहली बार कोरोना संक्रमण को लेकर खुलासे किए है। उत्तर कोरिया के खुलासे इतने चौकाने और चिंता बढ़ाने वाले हैं कि पूरी दुनिया में इसको लेकर बहस छिड़ गई है। उत्तर कोरिया का दावा है कि 17 मई तक देश में 14 लाख लोग बुखार से पीड़ित है। यानी देश का हर पांचवां शख्स बुखार से पीड़ित है। उत्तर कोरिया में यह आंकड़े मात्र 96 घंटे में सामने आए हैं। क्योंकि इसके पहले तक कोरिया अपने देश में कोविड-19 के खतरे को नकारता रहा है। लेकिन ताजे आंकड़े इतने गंभीर हैं कि अगर इन लोगों को कोविड-19 का असर हुआ तो 2.60 करोड़ आबादी वाले कोरिया के लिए लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना बेहद मुश्किल हो जाएगा। 

टेस्टिंग कम , डाटा की कमी

असल में उत्तर कोरिया अभी उसी स्थिति में हैं, जब साल 2020 में दुनिया में कोरोना का प्रकोप शुरू हुआ था। उसने अपनी सीमाएं उस वक्त से बंद कर रखी है। और सूचना का आदान-प्रदान नहीं करने से वहां की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी नहीं है। इसीलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)के पास उत्तर कोरिया की स्थिति के बारे में कोई प्रमाणित डाटा नहीं है। इस बात की पुष्टि WHO के डैशबोर्ड से होती है। जहां पर उत्तर कोरिया का कोई आंकड़ा नहीं दिखता है। जबकि दूसरे देशों के बारे में कुल संक्रमण संख्या, टेस्टिंग, कोरोना से हुई मौत आदि की सारी जानकारी उपलब्ध है। बढ़ते मामले को देखते हुए WHO ने कोरोना के नए वैरिएंट की भी आशंका जताई है।

इस बीच उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA ने कहा है कि बढ़ते मामले को देखते हुए, देश के सभी प्रांतों, शहरों और गांवों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। और सेना को हेल्थ केयर वर्क्स की मदद के लिए लगाया गया है। उत्तरी कोरिया ने पिछले हफ्ते यानी 4 दिन पहले ही कोरोना महामारी के बड़ी संख्या के मामलों का खुलासा किया था।

ताजा जानकारी के अनुसार कोरिया में करीब 14 लाख लोग बुखार से पीड़ित है। लेकिन टेस्टिंग कम होने के कारण, कितने लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं, इसका सही आंकलन एजेंसियों के पास नहीं है। सूचना के अनुसार बड़ी संख्या में asymptomatic मामले आ रहे हैं। लेकिन लोगों के बुखार को छुपाने और देश का ट्रैकिंग सिस्टम कमजोर होने से सही आंकड़े सामने नहीं आ रहे हैं। इस बीच अप्रैल तक 56 लोगों की कोविड-19 की वजह से मौत की पुष्टि हुई है।
 
वैक्सीन लेने से कर दिया था इंकार

कोविड-19 का प्रकोप कम करने में वैक्सीन कारगर हथियार साबित हुई है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर कोरिया में फिलहाल कोई वैक्सीनेशन कार्यक्रम नहीं चल रहा है। जबकि चीन ने कोविड-19 रोधी वैक्सीन देने का ऑफर उत्तर कोरिया की सरकार को दिया था। इसके अलावा ग्लोबल कोवैक्स प्रोग्राम के तहत भी वैक्सीन का ऑफर दिया गया था। लेकिन उत्तर कोरिया सरकार ने साइड इफेक्ट की डर से इन ऑफर को ठुकरा दिया था। अब दक्षिण कोरिया ने बढ़ते खतरे को देखते हुए वैक्सीन का ऑफर दिया है लेकिन अभी उत्तर कोरिया सरकार ने स्वीकार नहीं किया है।

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लाखों लोगों की जान को खतरा

जिस तरह से मात्र 96 घंटे में उत्तरी कोरिया ने 14 लाख लोगों में बुखार की बात स्वीकार की है। उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बहुत तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ेगे। लेकिन इस बीच महामारी से बचाव के लिए उत्तरी कोरिया के पास न तो पर्याप्त टेस्टिंग किट हैं और न तो वैक्सीन है। ऐसे में 2.60 करोड़ की आबादी पर महामारी का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। और अगर उत्तरी कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं मिली तो एक बड़ा मानव संकट खड़ा हो सकता है।

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