'माई डियर फ्रेंड, रूसी रिवाज है, एडवांस में हैप्पी बर्थडे नहीं कहते', मीटिंग में PM मोदी से बोले पुतिन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 16, 2022, 09:23 PM IST

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी के बर्थडे को याद करते हुए कहा कि मुझे पता है लेकिन रूसी परंपरा के मुताबिक एडवांस में हैप्पी बर्थडे की बधाई नहीं दी जाती है।

'माई डियर फ्रेंड, रूसी रिवाज है, एडवांस में हैप्पी बर्थडे नहीं कहते', मीटिंग में PM मोदी से बोले पुतिन
Photo Credit: Twitter

समरकंद : शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को  बातचीत की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात इस साल फरवरी में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार हुई। बातचीत के दौरान मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए पुतिन ने कहा कि मुझे पता है कि भारत के प्रधानमंत्री कल अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करने वाले हैं। पुतिन ने मोदी से कहा कि रूसी परंपरा के अनुसार, हम कभी किसी को एडवांस हैप्पी बर्थडे की बधाई नहीं देते हैं, इसलिए मैं अभी ऐसा नहीं कह सकता। लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम इसके बारे में जानते हैं, और हम आपको शुभकामनाएं देते हैं, हम सभी मित्रवत भारतीय राष्ट्र की कामना करते हैं, और हम भारत की समृद्धि की कामना करते हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने भारत के साथ अच्छे संबंधों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका देश भारत के साथ शेयर करता है, यह 'विकासशील' है और इसमें रणनीतिक, विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी का नेचर है। यह संबंध बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। हम अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं। पीएम मोदी और पुतिन ने भी यूक्रेन युद्ध के बारे में बात की। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं यूक्रेन में संघर्ष पर भारत की स्थिति से अवगत हैं। मैं आपकी चिंताओं के बारे में जानता हूं। हम चाहते हैं कि यह सब जल्द से जल्द खत्म हो। वहां क्या हो रहा है, हम आपको इसकी जानकारी देंगे।

इस बीच, मोदी ने पुतिन से कहा कि वर्तमान युग युद्ध का नहीं है और इस समय दुनिया की प्रमुख चिंता ईंधन सुरक्षा, खाद्य और उर्वरक है। मोदी ने युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद यूक्रेन से फंसे भारतीय छात्रों को निकालने में भारत की मदद करने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा की। भारत ने यूक्रेन पर आक्रमण के लिए अब तक रूस की आलोचना नहीं की है। भारत बातचीत के जरिए संकट के समाधान पर जोर दे रहा है।

End of Article