मेक्सिको के राष्ट्रपति चाहते हैं PM मोदी बने 'शांति दूत', पोप-गुटरेस वाले पैनल की करें अगुवाई    

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 12, 2022, 08:10 AM IST

Mexico president Lopez Obrador : मेक्सिको के राष्ट्रपति लोपेज ओब्राडोर ने कहा कि हमें सैन्य संघर्ष को रोकना और बातचीत का रास्ता अपनाना होगा। हमें सेना का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। संघर्ष से हमें जरूर बचना चाहिए। हम देख रहे हैं कि युद्ध से निर्दोष लोगों की जान जा रही है।

मेक्सिको के राष्ट्रपति चाहते हैं PM मोदी बने 'शांति दूत', पोप-गुटरेस वाले पैनल की करें अगुवाई    
Photo Credit: AP

Global Peace Panel : मेक्सिको के राष्ट्रपति लोपेज ओब्राडोर ने विश्व शांति के लिए एक बड़ी पहल करने का प्रस्ताव दिया है। लोपेज चाहते हैं कि एक पंच वर्षीय शांति समझौते को लागू करने के लिए एक पैनल बनाया जाए और इस पैनल की अगुवाई भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करें। राष्ट्रपति का सुझाव है कि इस पैनल में पोप फ्रांसिस एवं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओब्राडोर ने यह बयान पिछले सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिया।  

प्रस्ताव पर अभी औपचारिक पहल नहीं 
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मेक्सिको के राष्ट्रपति के इस प्रस्ताव के बारे में हालांकि कोई औपचारिक निवेदन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। मेक्सिको की मीडिया के मुताबिक ओब्राडोर ने कहा कि दुनिया भर में युद्ध रोकने के लिए तीन लोग काम करेंगे और रूस, चीन एवं अमेरिका को इस पैनल के सुझावों को अवश्य मानना चाहिए। 

'रूस, चीन और अमेरिका इस पैनल की बातें सुनें'
उन्होंने कहा, 'यह जरूरी है कि तीन महाशक्तियों-रूस, चीन और अमेरिका की सरकारें इस पैनल की बातें सुनेंगी और उसके सुझावों एवं दखल को स्वीकार करेंगी। जैसा कि हम एक प्रस्ताव दे रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस और पोप फ्रांसिस एक साथ आएं और विश्व में युद्ध रोकने के लिए जल्द ही एक प्रस्ताव पेश करें।'

पहल होने से संघर्ष रुक सकता है-ओब्राडोर
उन्होंने आगे कहा कि हमें सैन्य संघर्ष को रोकना और बातचीत का रास्ता अपनाना होगा। हमें सेना का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। संघर्ष से हमें जरूर बचना चाहिए। हम देख रहे हैं कि युद्ध से निर्दोष लोगों की जान जा रही है। बमबारी होने से लोगों की मौत हो रही है। हमने इसे यूक्रेन में देखा। इसलिए इसे रोकने के लिए हमें शांति की जरूरत है। ओब्राडोर का कहना है कि पैनल यदि शांति समझौता पेश करता है तो ताइवान, इजरायल एवं फिलस्तीन में संघर्ष रोकने के लिए एक रास्ता निकल सकता है। उन्होंने दुनिया के देशों से संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों को समर्थन करने की अपील की।   

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