कब शादी करेंगी मलाला यूसुफजई? क्‍यों पहनती हैं हिजाब? PAK एक्टिविस्‍ट, नोबेल विजेता ने दिए दिलचस्‍प जवाब

पाकिस्‍तानी एक्टिविस्‍ट मलाल यूसुफजई ने लोकप्रिय ब्रिटिश वोग पत्रिका को इंटरव्‍यू दिया है, जिसमें उन्‍होंने शादी से लेकर हिजाब पहनने सहित कई सवालों के बेबाकी से जवाब दिए हैं।

कब शादी करेंगी मलाला? नोबेल विजेता ने दिया दिलचस्प जवाब
कब शादी करेंगी मलाला? नोबेल विजेता ने दिया दिलचस्प जवाब  |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • पाकिस्‍तानी एक्टिविस्‍ट मलाल यूसुफजई ने 'वोग' को इंटरव्‍यू दिया है
  • उन्‍होंने शादी से लेकर हिजाब पहनने से जुड़े सवालों के जवाब दिए
  • 'वोग' ने कवर पेज पर हिजाब के साथ मलाला की तस्‍वीर भी छापी है

नई दिल्‍ली : पढ़ाई जारी रखने को लेकर तालिबान के निशाने पर आ चुकीं पाकिस्‍तानी एक्टिविस्‍ट मलाल यूसुफजई ने लोकप्रिय ब्रिटिश वोग पत्रिका को इंटरव्‍यू दिया है, जिसमें उन्‍होंने शादी से लेकर हिजाब पहनने सहित कई सवालों के जवाब दिए हैं। वोग ने कवर पेज पर हिजाब के साथ उनकी तस्‍वीर भी छापी है, जिसे अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए मलाला ने उम्‍मीद जताई कि यह हर लड़की को प्रेरित करेगा कि वह दुनिया बदल सकती है।

शादी पर क्‍या बोलीं मलाला

'वोग' को दिए इंटरव्‍यू में 23 साल की मालाला ने शादी से लेकर कई मसलों पर बेबाकी से बात की है। हर मां-पिता की ख्‍वाहिश एक दिन अपनी संतान की शादी देखने की होती है और मलाला के पैरेंट्स भी इसका अपवाद नहीं हैं। ऐसे में इंटरव्‍यू में जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्‍होंने कहा, 'मुझे अब भी समझ में नहीं आता कि लोगों को शादी क्यों करनी होती है। अगर आप अपने जीवन में एक व्यक्ति चाहते हैं, तो आपको शादी के कागजात पर हस्ताक्षर करने की क्या जरूरत है, यह सिर्फ पार्टनरशिप क्यों नहीं हो सकती?'

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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हिजाब पर मालाल का रुख

मलाला ने हिजाब को लेकर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया और कहा कि यह उनकी धार्मिक आस्‍था से अधिक उनकी सांस्‍कृतिक पहचान को दर्शाता है। मलाला ने कहा, 'यह हम पश्तूनों का सांस्कृतिक प्रतीक है। इसलिए यह दर्शाता है कि मैं कहां से हूं। हम मुस्लिम लड़कियां, पश्तून लड़कियां या पाकिस्तानी लड़कियां, जब अपनी पारंपरिक पोशाक पहनती हैं, तो हमें दमित, बेजुबान या पितृसत्ता के अधीन रहने वाली कहा जाता है। मैं सभी को बताना चाहती हूं कि आपकी संस्कृति में भी आपकी अपनी आवाज हो सकती है और आपकी संस्कृति में समानता हो सकती है।'

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