मलेशिया के पूर्व PM महाथिर मोहम्मद ने किया हिंसा भड़काने वाला ट्वीट, ट्विटर को भी नहीं आया पसंद

Mahathir Mohamad: मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने फ्रांस को लेकर ऐसा ट्वीट किया है, जिसे ट्विटर ने हिंसा का महिमामंडन करने वाला बताया है।

Mahathir Mohamad
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद 

मुख्य बातें

  • मुस्लिमों को लाखों फ्रांसीसियों को मारने का अधिकार: महातिर
  • ट्विटर ने कहा- ये ट्वीट ट्विटर नियमों का उल्लंघन करता है
  • कई मुस्लिम देशों के निशाने पर है फ्रांस

नई दिल्ली: मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने बेहद विवादित और हिंसा भड़काने वाला ट्वीट किया है। उनके इस ट्वीट को ट्विटर ने भी गलत बताया है। हालांकि इसे हटाया नहीं गया है। उन्होंने कहा है कि मुसलमानों को गुस्सा करने और 'लाखों फ्रांसीसी लोगों को मारने' का अधिकार है। इस पर ट्विटर ने कहा है, 'इस ट्वीट ने हिंसा को महिमामंडित करने को लेकर ट्विटर के नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, ट्विटर ने यह निर्धारित किया है कि ट्वीट के उपलब्ध रहना जनता के हित में हो सकता है।'

महाथिर ने फ्रांस को लेकर कई ट्वीट किए हैं। पूर्व पीएम ने दावा किया कि फ्रांस में उपनिवेशवाद के युग में लाखों लोगों को मार डाल गया और उन लोगों में से कई मारे गए लोग मुस्लिम थे। फ्रांस क राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर हमला करते हुए महाथिर ने कहा कि मैक्रों यह नहीं दिखा रहे हैं कि वह सभ्य है। वह अपमानजनक स्कूल शिक्षक की हत्या के लिए इस्लाम और मुसलमानों के धर्म को दोषी ठहराते हैं। यह इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

मैक्रों इस्लामी चरमपंथ पर कड़े रुख और पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों का बचाव करने को लेकर विभिन्न मुस्लिम बहुल देशों की आलोचना का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को पेरिस में एक फ्रांसीसी शिक्षक की दिनदहाड़े सिर कलम कर हत्या कर दी गई थी, जो अपने छात्रों को पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखा रहे थे। 

फ्रांस के साथ भारत

हालांकि भारत ने फ्रांस का समर्थन किया है और साथ ही मैक्रों पर अस्वीकार्य भाषा में व्यक्तिगत हमलों की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बर्बर आतंकवादी हमले की भी निंदा की, जिसमें फ्रांस के एक शिक्षक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी वजह से और किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। हम राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों पर अस्वीकार्य भाषा में किए गए व्यक्तिगत हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय विमर्श के सबसे बुनियादी मानकों का उल्लंघन है।
 

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