महिला मरीजों से हैवानियत, कैंसर की जांच के नाम पर डॉक्टर करता था उनका यौन शोषण

दुनिया
Updated Dec 12, 2019 | 09:21 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

कैंसर पीड़ित महिला मरीजों का इलाज के नाम पर यौन शौषण करने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर ऐसे 25 मामलों में संगीन आरोप हैं। ममाला लंदन का है।

woman cancer patient victim
प्रतीकात्मक तस्वीर   |  तस्वीर साभार: Representative Image

मुख्य बातें

  • कैंसर के इलाज के नाम पर महिला मरीजों का करता था यौन शोषण
  • लंदन में कार्यरत और भारतीय मूल के डॉक्टर पर दोष हुआ साबित
  • 11 साल की नाबालिग सहित 6 महिलाओं के साथ इस हरकत को दिया अंजाम

लंदन : डॉक्टर धरती पर वो शख्स होता है जिसपर हर इंसान आंख मूंद कर भरोसा करता है, लेकिन कभी-कभी ये डॉक्टर अपनी गंदी सोच का परिचय देकर अपने पूरे समुदाय का नाम खराब करते हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला ब्रिटेन की राजधानी लंदन से सामने आया है। भारतीय मूल के एक डॉक्टर ने एक महिला कैंसर मरीज की कमजोरी का फायदा उठाते हुए उसका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की।

उसने महिला मरीज से कहा कि उसे उसके आंतरिक अंगों की जांच करनी होगी। लंदन के एक कोर्ट ने इस डॉक्टर को कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप में दोषी पाया। मनीष शाह नाम के एक डॉक्टर को ऐसे 25 मामलों में दोषी ठहराया गया है।

उस पर महिला महिला मरीजों के साथ जबरन सेक्स के जरिए उनका यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। लंदन के ओल्ड बैली कोर्ट ने सुनवाई में उसे दोषी साबित किया। उसने एक महिला मरीज के साथ उसके ब्रेस्ट परीक्षण करने से पहले हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जोली का जिक्र किया था।

कोर्ट में पीड़िता के वकील ने कहा कि उसने महिला नरीज की स्थिति का फायदा उठाते हुए उसका ब्रेस्ट और वेजाइनल परीक्षण किया जबकि इलाज के दौरान इसकी कोई जरूरत नहीं थी। महिला मरीजों के डर का वह फायदा उठाता था। उसने अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए उनका इस्तेमाल किया था। 

उसपर आरोप है कि उसने करीब पांच सालों से इस तरह से संगीन अपराधों को अंजाम दिया था। मई 2009 से लेकर जून 2013 तक इस 50 वर्षीय डॉक्टर ने करीब 6 महिला मरीजों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। हैरानी की बात तो ये है कि इनमें एक 11 साल की नाबालिग भी शामिल है।  

हालांकि डॉक्टर शाह ने अपने उपर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह बस अपनी ड्यूटी निभा रहा था। कोर्ट ने कहा कि 7 फरवरी 2010 तक उसे इस मामले में सजा सुना दी जाएगी।

वकील के मुताबिक वह अक्सर महिला मरीजों को हग्स व किस भी करता रहता था। वह कहता था कि उसके दिल में उनके लिए सॉफ्ट कॉर्नर है। बताया जाता है कि इस तरह के मामले सामने आने के बाद 2013 में ही शाह की मेडिकल प्रैक्टिस को बैन कर दिया गया था।

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