'शरीर के अंगों को बवंडर की तरह उड़ते देखा', हमले में बचे शख्श ने बताया कितना खौफनाक था मंजर    

Kabul Airport Attack : व्यक्ति ने कहा, 'विस्फोट इतना भयानक था कि मानो किसी ने उसके पैरों तले की जमीन खींच ली हो। एक क्षण के लिए लगा कि मेरे कान के परदे फट गए।

Kabul airport blast survivor says I saw body parts into the air
काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम हुए दो विस्फोट।   |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • गुरुवार शाम अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर हुए दो शक्तिशाली बम विस्फोट
  • इन हमलों में कम से कम 72 लोगों के मारे गए हैं, अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई
  • हमलों के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है, अमेरिका ने कहा है कि वह बदला लेगा

काबुल : राजधानी काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम हुए दो बम धमाके बेहद शक्तिशाली थे। इन धमाकों में अब तक कम से कम 72 लोगों के मारे जाने की बात सामने आई है। विस्फोटों में 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। विस्फोट इतने भीषण थे कि शवों की शिनाख्त होने में मुश्किल हो रही है। धमाके में बचे एक व्यक्ति ने इस हमले की भीषणता बताई है। इस युवक का कहना है कि धमाके के वक्त ऐसा लगा कि किसी ने उसके पैरों तले जमीन खींच ली है। 

अफगानिस्तान से निकलने के लिए एयपोर्ट पहुंचा था युवक
समचाार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी स्पेशल इमिग्रेशन वीजा विभाग के लिए काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि वह भी हजारों की भीड़ का हिस्सा था जो अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंची थी। वह एयरपोर्ट परिसर में दाखिल होने के लिए एबे गेट पर खड़ा था। तभी शाम पांच बजे के करीब गेट पर धमाका हुआ। 

'लगा कि पैरों तले जमीन खिसक गई'
रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यक्ति ने कहा, 'विस्फोट इतना भयानक था कि मानो किसी ने उसके पैरों तले की जमीन खींच ली हो। एक क्षण के लिए लगा कि मेरे कान के परदे फट गए। मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा हथा। बवंडर आने पर जिस तरह से प्लास्टिक के बैग हवा में उड़ते हैं, उसी तरह से मैंने शरीर के अंगों को हवा में तैरते हुए देखा। मैंने धमाके वाली जगह पर शवों, शरीर के अंगों, घायल लोगों में जिनमें बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा थे, उन्हें चीख-पुकार मचाते हुए देखा।'

'आज कयामत देख ली'
युवक ने कहा, 'अपने जीवन में कयामत की रात देखना संभव नहीं है लेकिन मैंने आज इसे देख लिया। मैंने अपनी खुली आंखों से इसे देखा।' समाचार एजेंसी के मुताबिक इस युवक ने कहा कि उसके शहर पर अब तालिबान का कब्जा है। पश्चिमी देशों के साथ काम करने वाले हम जैसे लोगों की जान अब खतरे में है। 

अगस्त 2011 के बाद अमेरिकी सैन्य बलों पर बड़ा हमला
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट पर हुए विस्फोट में अमेरिका के कम से कम 13 सैनिक मारे गए हैं। अगस्त 2011 में चिनूक हेलिकॉप्टर पर हुए हमले में उसके 30 कर्मियों की जान गई थी। इसके बाद अमेरिकी सैन्य बलों पर यह दूसरा सबसे बड़ा हमला है। अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से लोगों को निकालने में मदद कर रही है। अमेरिकी सेना को भी 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़ना है। गुरुवार को हुए इन हमलों की जिम्मेदारी आईएसआईएस के अफगानिस्तानी धड़े आईएसआईएस-के ने ली है।  

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