'ऐसे नेता हत्या किए जाने लायक हैं', इमरान खान के मंत्री के विवादित बोल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 25, 2020, 01:04 PM IST

Ghulam Sarwar Khan: इमरान सरकार के मंत्री ने गुलाम सरवर खान ने विवादित बयान दिया है। खान ने कहा है कि देश की संपत्ति लूटने वाले नेता हत्या किए जाने के योग्य हैं। इस बयान पर विवाद पैदा हो गया है।

'ऐसे नेता हत्या किए जाने लायक हैं', इमरान खान के मंत्री के विवादित बोल
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इस्लामाबाद : पाकिस्तान नागरिक उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान के एक बयान पर विवाद पैदा हो गया है। खान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) दोनों राजनीतिक दलों पर  देश की संपत्तियों को निर्दयतापूर्वक लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश की संपत्तियों को लूटा है उनकी हत्या होने लायक है। खान के इस बयान पर विवाद पैदा हो गया है। 

पीपीपी और पीएमएल-एन पर बोला हमला
डॉन न्यूज के मुताबिक सोमवार को लेबर कॉम्पलेक्स का निरीक्षण करने के बाद मीडिया के साथ बातचीत में खान ने कहा कि पीपीपी की राजनीति एवं पीएमएल-एन का नेतृत्व भष्ट्राचार एवं मनी लॉन्ड्रिंग पर आधारित है। उन्होंने कहा, 'सरकार में रहते हुए इन दोनों दलों ने देश के राजस्व को निर्दयतापूर्वक लूटा।'

इमरान सरकार को बताया बेहतर
मंत्री खान ने दावा किया कि पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) सरकार का प्रदर्शन पहले की पीपीपी एवं पीएमएल-एन सरकारों से बेहतर है। इमरान खान के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में दिनोंदिन सुधार आ रहा है। इस बात को आर्थिक विशेषज्ञ एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मान रही हैं। वहीं, उड्डयन मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने इमरान सरकार पर निशाना साधा।

पीएमएल-एन की प्रवक्ता का पलटवार
मरियम ने कहा, 'पीटीआई की सरकार अभी भी कंटेनर की भाषा बोल रही है।' प्रवक्ता ने 2014 के इमरान खान के 126 दिनों के विरोध-प्रदर्शन की तरफ इशारा किया। मरियम ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश की दौलत लूटने वाले लोग प्रधानमंत्री इमरान खान की कैबिनेट में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बेरोजगारी और महंगाई के जरिए लोगों को लूटा गया है।

अर्थव्यवस्था पर इमरान सरकार को घेरा
मरियम ने दावा किया कि पीएमएल-एन की सरकार के दौरान देश की जीडीपी 5.8 प्रतिशत थी जो अब घटकर 0.4 प्रतिशत पर आ गई है। इसके लिए उन्होंने इमरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

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