रमजान और इतनी महंगाई, क्या करेंगे इमरान खान, IMF की रिपोर्ट भी होश उड़ाने वाली

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 8, 2021, 09:53 AM IST

Pakistan's economy : खाद्य वस्तुओं एवं जरूरत की चीजों के दाम नागरिक पहले से परेशान हैं अब इस विश्व संस्था का कहना है कि आने वाले समय में महंगाई बेकाबू हो जाएगी।

रमजान और इतनी महंगाई, क्या करेंगे इमरान खान, IMF की रिपोर्ट भी होश उड़ाने वाली
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इस्लामाबाद : पाकिस्तान में महंगाई एक बार फिर आसमान छूने लगी है। रमजान से पहले फल, सब्जियों के आसमान छूती कीमत लोगों को पहले से परेशान कर रखा है। अब अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने इमरान सरकार के लिए डराने वाली रिपोर्ट दी है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में इस साल बेरोजगारी और महंगाई दोनों बढ़ेगी। 

रमजान से पहले बेकाबू हुई महंगाई
खाद्य वस्तुओं एवं जरूरत की चीजों के दाम नागरिक पहले से परेशान हैं अब इस विश्व संस्था का कहना है कि आने वाले समय में महंगाई बेकाबू हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल पाकिस्तान की विकास दर 1.5 प्रतिशत रह सकती है जबकि इमरान सरकार ने 2.1 फीसदी का अनुमान जताया है। पाकिस्तान में अगले कुछ दिनों में रमजान का पवित्र महीना शुरू हो जाएगा। इस दौरान लोगों को फल, दूध और सब्जी की ज्यादा मात्रा में जरूरत पड़ेगी।  देश में महंगाई की वजह से लोग काफी परेशान हैं। 

पाकिस्तान में इन दिनों वस्तुओं के दाम

  • आलू 36 रुपए/किलो
  • चीनी 100-110 रुपए
  • प्याज 25 रुपए
  • भिंडी 250 रुपए
  • टमाटर 55 रुपए
  • लहसुन 160 रुपए
  • अदरक 310 रुपए
  • मेथी 40 रुपए
  • नींबू 110 रुपए
  • अरवी 110 रुपए
  • मटर 120 रुपए 
  • गाजर 45 रुपए

इस साल महंगाई दर 8.7 फीसद रहने का अनुमान 
पाकिस्तान सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए महंगाई दर 6.5 प्रतिशत तय किया है। हालांकि, उसकी यह दर आईएमएफ की दर से मेल नहीं खाती। आईएमएफ का कहना है कि पाकिस्ता में इस साल महंगाई की दर 8.7 फीसदी रहेगी। जाहिर है कि आईएमएफ के ये आंकड़े और अनुमान इमरान सरकार को डराने वाले हैं। इमरान सरकार के लिए महंगाई शुरू से ही एक चुनौती बनी हुई है। चीनी की बढ़ी हुई कीमत ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। कई जगहों पर चीनी 110 रुपए प्रतिकिलो बिक रही है। 

सर्वे में इमरान की नीति पर लोगों ने उठाए सवाल
सत्ता में आने के बाद महंगाई पर रोक लगाने के लिए इमरान सरकार ने कई कदम उठाए हैं लेकिन उनकी कोशिशों के बावजूद महंगाई पर काबू नहीं पाया जा सका है। लोग फोन पर महंगाई को लेकर उनसे शिकायत करने लगे हैं। आईएमएफ ही नहीं पाकिस्तान के लोग भी मानते हैं कि देश की अर्थव्यवस्ता की हालत काफी 'खराब' है। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में प्रकाशित इप्सोस के एक सर्वे में इमरान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया गया है। सर्वे में शामिल दो-तिहाई लोगों का कहना है कि देश की मौजूदा आर्थिक हालत 'खराब' है जबकि 32 प्रतिशत लोगों के लिए महंगाई सबसे बड़ी समस्या है।  

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