अफगानिस्तान: तालिबान राज में विश्वविद्यालयों में एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे लड़के और लड़कियां

तालिबान के उच्च शिक्षा मंत्रालय के कार्यवाहक प्रमुख अब्दुल बकी हक्कानी ने कथित तौर पर कहा कि अफगान लड़कियां और लड़के अब अफगानिस्तान के विश्वविद्यालयों में अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ेंगे।

Afghanistan
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा  |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया
  • तालिबान का राज आने पर शरिया कानून लागू किया जाएगा
  • तालिबान के राज से देश के लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हो गई है

नई दिल्ली: तालिबान शासन के तहत अब अफगान विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों को एक साथ पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। अफगानिस्तान के सबसे बड़े टीवी न्यूज चैनल टोलो न्यूज ने तालिबान के अंतरिम उच्च शिक्षा मंत्री को यह कहते हुए रिपोर्ट किया कि लड़कियां और लड़के विश्वविद्यालयों में एक साथ नहीं पढ़ेंगे।

कार्यवाहक मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी ने कहा कि महिला और पुरुष छात्र इस्लामी कानून के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ना जारी रखेंगे। उन्होंने पहले कहा था कि मौजूदा व्यवस्था में धार्मिक शिक्षा पर्याप्त महत्वपूर्ण नहीं है और इससे लोगों को नुकसान पहुंचा है। 

नई व्यवस्था के तहत लड़कियों को पढ़ने का अधिकार होगा। लेकिन वे एक ही कमरे में लड़कों के साथ नहीं पढ़ सकतीं। हक्कानी ने यह बयान देश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के साथ बैठक में दिया।

पिछले हफ्ते, खामा न्यूज ने खबर दी थी कि अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में तालिबान के अधिकारियों ने सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों को आदेश दिया है कि वे लड़कियों और लड़कों को एक ही कक्षा में पढ़ने की अनुमति न दें। तालिबान अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि सह-शिक्षा जारी रखने का कोई औचित्य या विकल्प नहीं है। 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान का यह पहला फतवा था। हेरात में व्याख्याता चिंतित थे कि निजी विश्वविद्यालयों में महिला छात्रों की संख्या कम होने के कारण वे महिलाओं के लिए अलग कक्षाएं नहीं कर पाएंगे। इससे कई छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो सकती हैं। 

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
Mirror Now
Live TV
अगली खबर