George Floyd death: पुलिस अधिकारियों के गले में डले कैमरों से खुलेंगे और राज! फुटेज आएगा सामने?

दुनिया
भाषा
Updated Jun 14, 2020 | 07:52 IST

George Floyd news: अमेरिका में पिछले दिनों अफ्रीकी मूल के नागरिक जॉर्ज की पुलिस यातना से मौत के मामले में उन कैमरों से और राज खुल सकते हैं, जो अधिकारियों ने अपने गले में डाल रखे थे।

George Floyd death: पुलिस अधिकारियों के गले में डले कैमरों से खुलेंगे और राज! फुटेज आएगा सामने?
George Floyd death: पुलिस अधिकारियों के गले में डले कैमरों से खुलेंगे और राज! फुटेज आएगा सामने?  |  तस्वीर साभार: AP, File Image
मुख्य बातें
  • अमेरिका में अफ्रीकी मूल के नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन जारी हैं
  • एक पुलिस अधिकारी ने जॉर्ज की गर्दन को 8-9 मिनट तक घुटने से दबाए रखा था
  • जॉर्ज की मौत के बाद अमेरिका में नस्‍ली भेदभाव को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं

मिनियापोलिस : अमेरिका के एक ऑडियो-वीडियो फॉरेंसिक विशेषज्ञ का कहना है कि जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के समय पुलिस अधिकारियों ने जो कैमरे अपने गले में डाल रखे थे, उससे इस मामले में कई राज खुल सकते हैं। हाल ही में अमेरिका के मिनियापोलिस में काले नागरिक फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद से अमेरिका के कई शहरों विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

अधिकारी ने गर्दन पर रखा था घुटना

इस घटना का एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन ने हथकड़ी पहने फ्लॉयड को सरेआम जमीन पर पटककर उनकी गर्दन पर अपना घुटना रख रखा था। उनके तीन साथियों ने भी फ्लॉयड को पकड़ रखा था। इस दौरान सांस लेने में परेशानी के चलते फ्लॉयड की मौत हो गई थी। घटना का यह वीडियो एक राहगीर ने बनाया था।

मिशिनग स्थित प्रिम्यू फोरेंसिक लैब में ऑडियो-वीडियो फोरेंसिक विशेषज्ञ माइकल प्रिम्यू कहा कि जो कैमरा पुलिस अधिकारियों ने पहन रखा था, उससे इस बारे में और जानकारी मिल सकती है कि उस वक्त असल में क्या हुआ था और अधिकारियों तथा फ्लॉयड के बीच क्या बातचीत हुई थी। प्रिम्यू ने कहा, 'एक प्रमाणित वीडियो कैमरा प्रत्यक्षदर्शी के समान होता है। उसकी गवाही ली जा सकती है।'

क्‍या सार्वजनिक होगा वीडियो फुटेज? 

हालांकि पुलिस अधिकारियों द्वारा पहने गए कैमरे की वीडियो, सुनवाई शुरू होने या मामला सुलझने तक सार्वजनिक किए जाने की संभावना नहीं है। इस घटना के बाद कई वीडियो सामने आ चुकी हैं, लेकिन पूरी घटना को लेकर अभी तक कोई वीडियो सामने नहीं आया है।

पुलिस प्रवक्ता जॉन एल्डर ने कहा कि उन्हें बताया गया है चारों पुलिसकर्मियों ने विभाग की नीति के अनुसार कैमरे गले में डाल रखे थे। नियमों के अनुसार मिनियापोलिस पुलिस के अधिकारियों को घटनास्थल पर जाने से पहले अपने गले में पहने कैमरों को चालू करना होता है। फ्लॉयड के मामले में आपराधिक हिरासत ब्यूरो के एक प्रवक्ता ब्रूस गॉर्ड ने पुष्टि की कि पुलिस अधिकारियों ने जो कैमरे पहन रखे थे, उनमें पूरी घटना कैद हुई है। लिहाजा ऐसे में सबकी निगाहें उनके पुलिसकर्मियों के पहने कैमरों से बनी वीडियो पर टिकी हैं।

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