डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जहाजों को लेकर नौसेना को दिया आदेश, समुद्र में परेशान करें में तो शूट कर दें

United States-Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेवी को आदेश दिया है कि ईरान जहाज परेशान करें तो उन्हें शूट कर दें।

Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: AP

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेताया है। दोनों देशों में चल रहे तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेवी को ईरानी युद्धपोत के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेवी को निर्देश दिया है अगर ईरानी जहाज हमारे जहाज को परेशान करें तो उन्हें शूट कर दें। ट्रंप ने यह आदेश ऐसे समय में दिया है जब तकरीबन एक सप्ताह पहले फारस की खाड़ी में अमेरिका के युद्धपोत को 11 लड़ाकू जहाजों द्वारा घेरने की खबर सामने आई थी। बताया जा रहा है कि फारस की खाड़ी में जहाज ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड के थे, जिन्हें आमेरिका आतंकी करार दे चुका है।

'अमेरिकी पोत अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में थे'

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, 'मैंने अमेरिका की नौसेना को निर्देश दिया है कि यदि समुद्र में हमारे जहाजों को परेशान किया जाता है तो सभी ईरानी गनबोट को शूट कर नष्ट कर दें।' रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसैनिकों को घेरने वाले ईरानी जहाज वहां की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प के थे। अमेरिका ने इस संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। इसके बाद दोनों देशों के बीच चला आ रहा तनाव और बढ़ गया था। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरानी जहाजों ने यह हरकत तब की जब अमेरिकी पोत अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में थे। ये अमेरिकी जहाज सैन्य हेलिकॉप्टरों के साथ मिलकर अभ्यास कर रहे थे।

ईरान ने सैन्य उपग्रह का प्रक्षेपण किया

ट्रंप का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान ने आज ही अपने पहले सैन्य उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को कहा कि उसने देश का पहला सैन्य उपग्रह कक्षा में पहुंचाया है। साथ ही अमेरिका से तनाव के बीच चौंकाने वाला यह प्रक्षेपण सामने आने से उस अंतरिक्ष कार्यक्रम का खुलासा हो गया जिसे विशेषज्ञ गोपनीय बताते थे।रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस उपग्रह को 'नूर' नाम दिया है। हालांकि इस प्रक्षेपण से विशेषज्ञों में इसको लेकर चिंता उत्पन्न हुई कि इसमें इस्तेमाल प्रौद्योगिकी से क्या ईरान को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने में मदद मिलेगी।


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