इमरान खान जब पाकिस्तान की सत्ता में आए तो कहा गया कि उनकी ताजपोशी के पीछे पाकिस्तानी सेना है। लेकिन क्या अब दोनों के रिश्तों में खटास आ चुकी है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक आईएसआई चीफ की नियुक्ति के मुद्दे पर इमरान खान और कमर जावेद बाजवा में मतभेद है। पिछले हफ्ते सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम के नाम पर सहमति दी थी। लेकिन इमरान सरकार ने दबाव बनाया कि एलजी हमीद को पद पर बनाए रखा जाए। इमरान खान का तर्क है कि अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए किसी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए। इस संबंध में इमरान खान के राजनीतिक सलाहकार अमीर डोगर ने पाक आर्मी चीफ को सरकार की मंशा के बारे में जानकारी दी थी।
नदीम अंजुम पर फंसा है पेंच
इमरान खान के राजनीतिक सलाहकार के मुताबिक वो चाहते हैं कि सभी संस्थाए एक बोर्ड पर आकर देश के सामने जो अहम मुद्दे हैं उस पर साझा विचार करें। दरअसल दोनों के बीच दूरी की खबरें तब बाहर आने लगी जब आईएसआई चीफ की नियुक्ति में देरी होने लगी। आईएसआई की कमान कौन संभाले इसका विशेषाधिकार पीएम का होता है। लेकिन पाकिस्तान में आमतौर पर सभी प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण विषय पर सेना से चर्चा करते रहे हैं। आम तौर पर आईएसआई चीफ के लिए सेना की तरफ से ही नाम सुझाया जाता है और उस नाम पर फैसला हो जाया करता था। लेकिन इस दफा हमीद और नदीम अंजुम को लेकर कशमकश है।
भ्रम के लिए मीडिया पर फोड़ा ठीकरा
डान के मुताबिक पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी का कहना है कि आईएसआई चीफ की नियुक्ति पर विचार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब इस विषय पर नियुक्ति के संबंध में आगे की दिशा में बढ़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मीडिया की तरफ से अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा की गई है।
ISI चीफ के मुद्दे पर इमरान खान और सेना प्रमुख बाजवा में मतभेद ! वजह है अफगानिस्तान
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Oct 13, 2021, 08:42 PM IST
क्या आईएसआई चीफ की नियुक्ति के मुद्दे पर इमरान खान और आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के बीच मतभेद है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इमरान खान मौजूदा आईएसआई चीफ हमीद को पद पर बनाए रखना चाहते हैं।
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