Coronavirus: क्या इस चीनी लैब से हुई कोरोना वायरस की शुरुआत? यहां चमगादड़ों ने किया था वैज्ञानिकों पर हमला

Coronavirus: कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने कहा है कि इसकी शुरुआत वुहान की प्रयोगशाला से हो सकती है, जहां 600 चमगादड़ों को रखा गया था। यहां वैज्ञानिकों पर चमगादड़ों ने हमला भी किया।

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कोरोना वायरस से 1700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है 

नई दिल्ली: चीन में घातक कोरोना वायरस से अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 70,548 हो गई है। इससे रविवार को 105 लोगों की जान गई उनमें से 100 हुबेई में जबकि तीन हेनान और दो गुआंगदोंग में मारे गए। इस बीच चीनी वैज्ञानिकों का मानना है कि घातक कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान मछली बाजार से सिर्फ 300 गज की दूरी पर एक रिसर्च फैसिलिटी (Lab) से हुई है।

साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्नोलॉजी के अनुसार, वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (WHCDC) ने हुबेई प्रांत में इस वायरस को जन्म दिया है। स्कॉलर बोताओ जिओ और लेई जिओ द्वारा लिखे गए '2019-nCoV कोरोनो वायरस की संभावित उत्पत्ति' का दावा है कि WHCDC ने 605 चमगादड़ सहित प्रयोगशालाओं में रोग से ग्रस्त जानवरों को रखा है।

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि कोरोना वायरस से जुड़े चमकादड़ों ने एक बार एक शोधकर्ता पर हमला किया गया था और उसकी त्वचा पर चमगादड़ का खून था।

वैज्ञानिक पर चमगादड़ ने किया पेशाब
रिपोर्ट बताती है कि कैसे वुहान सीफूड बाजार से लगभग 600 मील दूर देशी चमगादड़ पाए जाते हैं और युन्नान और झेजियांग प्रांतों से उड़ने वाले चमगादड़ों की संभावना न्यूनतम थी। रिपोर्ट के अनुसार, WHCDC के शोधकर्ताओं में से एक ने चमगादड़ का खून उसकी त्वचा पर लगने के दो सप्ताह बाद तक खुद को अलग रखा। उसी आदमी ने खुद को तब भी 28 दिनों तक अलग कर लिया, जब चमगादड़ ने उस पर पेशाब कर लिया था।

चमगादड़ों ने किया वैज्ञानिकों पर हमला
विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना वायरस इसी प्रयोगशाला से शुरू हो सकता है जहां वैज्ञानिकों पर चमगादड़ों ने हमला किया था। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये प्रयोगशाला ही घातक महामारी का संभावित मूल हो सकता है। इसके अलावा साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पैंगोलिन्स (एक प्रकार का कटीला जानवर) नामक जानवर को इस वायरस का बड़ा वाहक बताया। करीब 1000 सैंपल्स की जांच के बाद ये नतीजा निकाला गया। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि पैंगोलिन्स एकमात्र वाहक नहीं हो सकता है लेकिन कोरोनावायरस फैलने का ये एक बड़ा कारक जरूर हो सकता है। 

सार्स से गई थी 774 लोगों की मौत
इससे पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कोरोना वायरस का जनक चमगादड़ों के होने की आशंका जताई गई। अध्ययन में पाया गया कि विषाणु सार्स की तरह कोरोना वायरस के समूह से जुड़ा हुआ है जिसकी पहचान पहले चीन में चमगादड़ों में हुई थी। कोरोना वायरस में सार्स की तरह समानताएं दिखती हैं। 2002-2003 में फैली सार्स महामारी से 774 लोगों की जान गई थी।

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