चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों से कहा- युद्ध के लिए तैयार रहें, लगा दें पूरा दिमाग और एनर्जी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 14, 2020, 06:28 PM IST

Xi Jinping: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों को युद्ध की तैयारी करने और हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने सेना से दिमाग और ऊर्जा को युद्ध की तैयारियों में लगाने को कहा है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों से कहा- युद्ध के लिए तैयार रहें, लगा दें पूरा दिमाग और एनर्जी

नई दिल्ली: ऐसे समय में जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच पिछले कई महीनों से सैन्य गतिरोध जारी है, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सैनिकों से युद्ध की तैयारी करने के लिए कहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिनपिंग ने चीनी सैनिकों को देश के लिए 'पूरी तरह से वफादार' रहने के लिए कहा है।

शी जिनपिंग ने मंगलवार को ग्वांगडोंग में एक सैन्य अड्डे का दौरा किया। यहां उन्होंने चीनी सैनिकों से कहा कि पूरा दिमाग और ऊर्जा युद्ध की तैयारी में लगाएं और हाई अलर्ट की स्थिति में रहें।  हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि उनकी यह टिप्पणी भारत या अमेरिका या अन्य देशों के लिए थी, जिनके साथ चीन का तनाव बना हुआ है।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) मरीन कॉर्प्स में अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने सैनिकों को पूरी तरह से वफादार और बिल्कुल विश्वसनीय रहने के  अलावा हाई अलर्ट रहने के लिए कहा।  जिनपिंग ने परिवर्तन और निर्माण को गति देने, लड़ाकू क्षमताओं के सुधार में तेजी लाने और कई क्षमताओं के साथ एक मजबूत फोर्स बनाने का प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये फोर्स बहुआयामी परिस्थितियों में लड़ने में सक्षम हो। शी ने कहा कि मरीन कोर को युद्ध की तैयारियों और युद्धक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और तत्परता का एक उच्च स्तर बनाए रखना चाहिए। 

भारत के साथ बातचीत जारी

वहीं सीमा पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के बीच बातचीत जारी है। 12 अक्टूबर को दोनों के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता हुई। दोनों देशों की सेनाओं की ओर से मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि वार्ता सकारात्मक और रचनात्मक रही। हालांकि, पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले बिंदुओं से सैनिकों की तेजी से वापसी को लेकर कोई सफलता मिलती नहीं दिखी। दोनों पक्षों ने मतभेदों को विवादों में तब्दील नहीं होने देने को लेकर अपने नेताओं के बीच बनी सहमति को ईमानदारी से लागू करने पर सहमति व्यक्त की। भारत ने टकराव वाले सभी बिंदुओं पर अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाली पर जोर दिया। दोनों सेनाओं के बीच टकराव पांच मई को शुरू हुआ था।

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