भारत के कड़े रुख से ढीले पड़े चीन के तेवर! अब रक्षा मंत्री से बातचीत करना चाहता है 'ड्रैगन'

India China stanoff: भारत के साथ सीमा पर तनाव के बीच चीन अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत करना चाहता है। राजनाथ सिंह इन दिनों SCO शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने के लिए रूस के दौरे पर हैं।

भारत के कड़े रुख से ढीले पड़े चीन के तेवर! अब रक्षा मंत्री से बातचीत करना चाहता है 'ड्रैगन'
भारत के कड़े रुख से ढीले पड़े चीन के तेवर! अब रक्षा मंत्री से बातचीत करना चाहता है 'ड्रैगन'  |  तस्वीर साभार: AP, File Image

मुख्य बातें

  • राजनाथ सिंह SCO शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने के लिए मास्‍को में हैं
  • यहां चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही भी बैठक में शामिल होने को पहुंचे हुए हैं
  • यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत-चीन के बीच तनाव चरम पर है

मास्‍को: पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच तनाव बरकरार है, जहां भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से चीन को करारा जवाब दिया जा रहा है। इस बीच चीन अब भारत के साथ रक्षा मंत्री स्‍तर की बातचीत चाहता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन की तीन दिवसीय बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए रूस की राजधानी मास्‍को में हैं, जहां चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही भी मौजूद हैं। चीन एससीओ बैठक से इतर रक्षा मंत्री स्‍तर की द्विपक्षीय बातचीत करना चाहता है।

रक्षा मंत्री स्‍तर की बातचीत चाहता है चीन

सूत्रों के अनुसार, चीनी पक्ष ने भारतीय मिशन को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच एक बैठक की अपनी इच्छा से अवगत कराया है। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इससे पहले जो जानकारी सामने आई थी, उसके मुताबिक, मंत्री रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मास्‍को दौरे के दौरान उनका चीनी रक्षा मंत्री से अलग से मिलने का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं है। हालांकि आपसी तनाव को दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्‍य व कूटनीतिक स्‍तर की बातचीत लगातार जारी है। यह अलग बात है कि कई दौर की वार्ता अब तक बेनतीजा रही है।

भारत के कड़े रुख से चीन पर बढ़ रहा दबाव 

जानकारों का मानना है कि भारत के साथ हालिया तनाव को देखते हुए चीन पर भी दबाव बन रहा है। भारतीय सुरक्षा बल जहां सीमा पर चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं, वहीं सरकार ने कई चीनी ऐप्‍स पर पाबंदियां लगातार उसे आर्थिक चोट पहुंचाने का काम किया है। चीन पहले ही ऐप्‍स को प्रतिबंधित किए जाने के भारत सरकार के फैसले पर ऐतराज जता चुका है, जिससे जाहिर होता है कि वह अपने आर्थिक हितों के प्रभावित होने को लेकर किस कदर चिंतित है।


 

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