ASEAN समिट : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा- दक्षिण पूर्व एशिया पर प्रभुत्व नहीं चाहता चीन

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Updated Nov 22, 2021 | 14:54 IST

आसियान शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से कहा कि हम प्रभुत्व नहीं करना चाहते हैं।

ASEAN Summit: Chinese President Xi Jinping said – China does not want dominance over Southeast Asia
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग   |  तस्वीर साभार: AP

बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण चीन सागर को लेकर चल रहे टकराव के बीच कहा है कि उनका देश दक्षिण पूर्व एशिया पर प्रभुत्व हासिल नहीं करेगा और न ही अपने छोटे पड़ोसियों के साथ दबंगई करेगा। शी ने सोमवार को ‘दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ’ (आसियान) के 10 सदस्यों के साथ एक ऑनलाइन सम्मेलन के दौरान यह टिप्पणी की। यह सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

आसियान शिखर सम्मेलन में म्यांमार शामिल नहीं हुआ

दो राजनयिकों ने बताया कि सोमवार की बैठक में आसियान सदस्य म्यांमार की तरफ से प्रतिनिधित्व नहीं हुआ क्योंकि सेना की तरफ से थोपी वहां की सरकार ने आसियान के दूत को अपदस्थ नेता आंग सान सू ची और अन्य गिरफ्तार राजनेताओं से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सैन्य शासक जनरल मिन आंग हलिंग को भी पिछले आसियान शिखर सम्मेलन में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से रोक दिया गया था।

पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है चीन

चीन ने अपनी बढ़ती शक्ति और प्रभाव के बारे में चिंताओं को दूर करने की बार-बार कोशिश की है, विशेष रूप से पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपने दावे को लेकर, जिसपर आसियान के सदस्य मलेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और फिलीपीन भी दावा करते हैं। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक शी ने कहा कि चीन प्रभुत्ववाद और सत्ता की राजनीति का दृढ़ता से विरोध करता है, अपने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है और संयुक्त रूप से इस क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखना चाहता है और निश्चित तौर पर वर्चस्व नहीं जमाएगा या छोटे देशों पर दबंगई नहीं करेगा।
 
फिलीपीन के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते कुछ घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई

शी ने यह टिप्पणी चीनी तट रक्षक पोतों द्वारा विवादित दक्षिण चीन सागर तट पर सैनिकों को आपूर्ति करने वाली दो फिलीपीनी नौकाओं को अवरुद्ध करने और उनपर पानी की तेज बौछार करने के कुछ दिनों बाद की है। फिलीपीन के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने सम्मेलन में अपनी टिप्पणी में इस घटना पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में दुतेर्ते ने कहा कि हम आयुंगिन (फिलीपीनी भाषा में तट का नाम) में हाल की घटना की निंदा करते हैं और इसी तरह के अन्य घटनाक्रम को गंभीर चिंता के साथ देखते हैं। यह हमारे राष्ट्रों और हमारी साझेदारी के बीच संबंधों के बारे में अच्छे संकेत नहीं देता है।

दुतेर्ते ने चाहते हैं कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का सम्मान हो

दुतेर्ते ने चीन से समुद्र के कानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का सम्मान करने का भी आह्वान किया, जो समुद्री क्षेत्रों पर समुद्री अधिकारों और संप्रभु अधिकारों को स्थापित करता है। उन्होंने साथ ही 2016 के हेग मध्यस्थता के फैसले का भी सम्मान करने का भी आह्वान किया, जिसमें चीन के दक्षिण चीन सागर के दावों को अमान्य कर दिया गया था। चीन ने इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया था।

मलेशिया ने भी दक्षिण चीन सागर के मुद्दे को उठाया

मलेशियाई प्रधान मंत्री इस्माइल साबरी याकूब ने भी सम्मेलन में अपने भाषण में सागर के मुद्दे को उठाया और कहा कि एक दावेदार देश के रूप में, मलेशिया दृढ़ता से मानता है कि दक्षिण चीन सागर से संबंधित मामलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के मान्यता प्राप्त सिद्धांतों के अनुसार शांतिपूर्ण और रचनात्मक रूप से हल किया जाना चाहिए।

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