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खुद को बचा रहे ट्रंप? बोले- मैंने नहीं बोला ईरान से जंग लड़ो, युद्ध तो हेगसेथ की दिमाग की उपज था

Who is Pete Hegseth: जैसे-जैसे ईरान युद्ध खिंचता जा रहा है, ट्रंप यह कहानी फिर से लिखते नजर आ रहे हैं कि इसकी शुरुआत कैसे हुई थी और वह खुद को इससे अलग कर रहे हैं और इसके लिए वे अपने रक्षा प्रमुख की ओर इशारा कर रहे हैं।

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ट्रंप खुद को बचा रहे, बोले- मैंने नहीं बोला ईरान से जंग लड़ो, ये तो 'पीट हेगसेथ' ने एक्शन का फैसला लिया

Donald Trump on Iran War: ईरान युद्ध के चौथे हफ्ते में पहुंचने और इस बारे में लगातार सवाल उठने के बीच कि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई क्यों और कैसे शुरू की, इसपर अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास इस संघर्ष की शुरुआत के बारे में बताने के लिए एक नई कहानी है।

अमेरिका के टेनेसी राज्य में हुई एक बैठक में सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सैन्य कार्रवाई के लिए जोर दिया था। ट्रंप ने अपने बगल में बैठे हेगसेथ से कहा, 'पीट, मुझे लगता है कि आप ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इस बारे में बात की थी, और आपने कहा था, 'चलो ऐसा करते हैं, क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।'

हम इसे ट्रंप की नई कहानी इसलिए भी कह रहे हैं, क्योंकि वे पहले ऐसे कई कारण बता चुके हैं कि क्यों और किस लिए यह जंग उन्होंने शुरू की। अब जहां से इससे खुद को अलग करते नजर आ रहे हैं और अपने रक्षा सचिव को धकेलते।

पीट हेगसेथ पर डाली जिम्मेदारी

टेनेसी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डालते हुए दिखाई दिए। मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स की एक बैठक के दौरान ट्रंप ने जंग शुरू करने की इस एक जानकारी को साझा किया। इस टिप्पणी ने वॉशिंगटन में सबका ध्यान खींचा है, जहां अधिकारी और विश्लेषक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि प्रशासन के भीतर किसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए जोर दिया था।

युद्ध में जाने के फैसले पर विरोधाभासी बयान

ईरान पर हमला करने का फैसला कैसे लिया गया, इस बारे में ट्रंप की टिप्पणियों से उनके प्रशासन के भीतर से आ रही बदलती हुई सफाइयों की कड़ी में एक और बात जुड़ गई है।

जिस पल यह फैसला लिया गया था, उसका जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस ऑपरेशन को मंजूरी देने से पहले उन्होंने कई सीनियर अधिकारियों को फोन किया था।

उन्होंने कहा, 'मैंने पीट को फोन किया। मैंने जनरल केन को फोन किया। मैंने अपने कई बेहतरीन लोगों को फोन किया।' वे इस बात पर हुई चर्चा के बारे में बता रहे थे कि ईरान से बढ़ते हुए खतरे का मुकाबला किया जाए या नहीं।

यह युद्ध, जो फरवरी के आखिर में अमेरिका के हमलों से शुरू हुआ था, अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल गया है। ईरान पर हुए हमले ने अब अमेरिका के सहयोगियों को भी इसकी चपेट में ले लिया है और जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, ईरान ने भी लगातार दूसरे पक्ष को नुकसान पहुंचाया है और पहुंचा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस अभियान को ईरान के मिसाइल प्रोग्राम, ड्रोन बनाने की क्षमताओं और नौसेना की ताकत को खत्म करने की कोशिश के तौर पर पेश किया था।

हेगसेथ ने क्या कहा?

हेगसेथ ने युद्ध के प्रयासों का बचाव करने में एक अहम भूमिका निभाई है> वे नियमित रूप से पेंटागन में पत्रकारों को जानकारी देते हैं और अमेरिकी सेना के लक्ष्यों के बारे में बताते हैं।

उन्होंने इस अभियान की आलोचना का भी जवाब दिया है और मीडिया के कुछ हिस्सों पर इस संघर्ष को नकारात्मक रूप से दिखाने का आरोप लगाया है।

हाल ही में जब उनसे पूछा गया कि यह सैन्य अभियान कब तक चल सकता है, तो हेगसेथ ने कोई समय-सीमा बताने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, 'हम कोई पक्की समय-सीमा तय नहीं करना चाहते,' और साथ ही यह भी जोड़ा कि यह मिशन पूरी तरह से सही दिशा में चल रहा है और अंततः ट्रंप ही यह तय करेंगे कि इसका अंत कैसे होगा।

डेडलाइन आगे बढ़ी, सवाल बने हुए

ट्रंप ने ईरान के लिए सोमवार तक की डेडलाइन तय की थी कि वह मांगें पूरी करे या फिर आगे और हमले झेले। अब उस डेडलाइन को पांच दिन और बढ़ा दिया गया है। बदलते जवाब, बातचीत से इनकार और अब जिम्मेदारी तय करने की नई कोशिश के बीच, युद्ध के बारे में कहानी उतनी ही तेजी से बदल रही है जितनी तेजी से यह लड़ाई खुद है। जो नहीं बदला है, वह है यह पक्का न होना कि युद्ध कैसे शुरू हुआ, यह कहां जा रहा है, और आखिरकार इसे शुरू करने का फैसला किसका है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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