ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी आरक्षण का लाभ लेना संविधान से धोखा: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्ति किसी भी स्थिति में अनुसूचित जाति (SC) का लाभ जारी न रखें। अदालत ने इसे संविधान के साथ धोखा करार दिया। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी की पीठ ने एक याचिका खारिज करते हुए सभी जिलाधिकारियों को चार महीने के भीतर ऐसे मामलों में कानूनन कार्रवाई करके रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तर प्रदेश की पूरी प्रशासनिक मशीनरी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य में जो लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे किसी भी हालत में अनुसूचित जाति के लाभ लेना जारी न रखें। अदालत ने साफ कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद भी अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा बनाए रखना संविधान के साथ धोखा है। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी की एकल पीठ ने यह आदेश जस्टिस सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर एक याचिका को खारिज करते हुए दिया। अदालत ने यूपी के सभी जिलाधिकारियों को चार महीने की समय सीमा में कानून के अनुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया है।

End of Feed