RBI Repo Rate: अपना घर होना हर व्यक्ति का सपना होता है। कभी-कभी अपने सपनों का घर खरीदने के लिए लोग होम लोन लेते हैं। होम लोन लेने वाले लोगों के लिए फिलहाल समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं। 2022 की शुरुआत में रेपो रेट लगभग 4% हुआ करता था। बाद में वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताओं और इन्फ्लेशन के चलते RBI ने इसे 6.5% तक बढ़ा दिया। इसकी वजह से होम लोन लेने वाले लोगों की EMI इतनी ज्यादा हो गई है कि इसे चुकाने में उन्हें समस्या आ रही है। लोग बेसब्री से रेपो रेट में कमी का इंतजार कर रहे हैं। 5 अप्रैल को RBI ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में एक बार फिर रेपो रेट में बदलाव न करने का फैसला किया है। लगातार सातवीं बार RBI ने रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि होम लोन लेने वाले लोगों को फिलहाल इंटरेस्ट रेट में कमी के लिए और इंतजार करना होगा।
रेपो रेट और आपकी EMIहालांकि यह पहले से ही माना जा रहा था कि अप्रैल में होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया जाएगा। ज्यादातर बैंक, होम लोन सहित अन्य लोन के इंटरेस्ट रेट के लिए बेंचमार्क के तौर पर रेपो रेट का इस्तेमाल करते हैं। आसान भाषा में कहें तो इसका सीधा मतलब यह है कि रेपो रेट घटने या बढ़ने से आपकी EMI भी घटती या बढ़ती है। वहीं अगर रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं होता है तो आपकी EMI में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
कब घटेगा रेपो रेट?इन्फ्लेशन को ध्यान में रखकर ही RBI रेपो रेट तय करता है। जब तक इन्फ्लेशन RBI के तय किए हुए दायरे से बाहर है तब तक रेपो रेट में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। आपको बता दें कि रिटेल इन्फ्लेशन 5% पर चल रहा है और यह अभी भी RBI द्वारा तय किए गए 4% के दायरे से ज्यादा है। जब तक इन्फ्लेशन RBI के तय किए दायरे में नहीं आ जाता, तब तक लोगों को रेपो रेट में कमी का इंतजार करना होगा।
