1 अगस्त से बदल रहे UPI के नियम, बैलेंस चेक करने से लेकर ऑटोपे तक, यह होंगे बदलाव

New UPI Rules: NPCI की नई गाइडलाइंस के तहत अब एक ग्राहक किसी एक UPI ऐप के जरिए सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकेगा। ये लिमिट 24 घंटे की रोलिंग विंडो के आधार पर होगी। इसके अलावा कोई यूजर 30 दिनों में अधिकतम 10 पेमेंट रिवर्सल रिक्वेस्ट ही कर पाएगा, जिसमें से 5 रिक्वेस्ट किसी एक भेजने वाले के खिलाफ ही हो सकेंगी।

1 अगस्त 2025 से UPI यूजर्स के लिए कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सिस्टम को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें बैलेंस चेक, ऑटोपे, बैंक अकाउंट एक्सेस और API यूज को लेकर सीमाएं तय की गई हैं। ऐसे में यदि आप PhonePe, GPay या Bhim UPI जैसे ऐप इस्तेमाल करते हैं तो आपको नए नियम जान लेना चाहिए।

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NPCI की नई गाइडलाइंस के तहत 1 अगस्त से ग्राहक किसी एक UPI ऐप के जरिए सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकेंगे। (image-istock)

रोजाना सिर्फ 50 बार ही चेक कर सकेंगे बैलेंस

NPCI की नई गाइडलाइंस के तहत अब एक ग्राहक किसी एक UPI ऐप के जरिए सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकेगा। ये लिमिट 24 घंटे की रोलिंग विंडो के आधार पर होगी। बैलेंस चेक की रिक्वेस्ट सिर्फ ग्राहक द्वारा की जा सकती है, ऐप द्वारा ऑटोमैटिक नहीं। भीड़भाड़ के समय सिस्टम पर दबाव कम करने के लिए बैलेंस रिक्वेस्ट बंद या सीमित भी की जा सकती है।

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