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New PF Transfer Rule: PF ट्रांसफर करने का काम खत्म, एक अप्रैल से ऑटोमैटिक हो रहा है यह काम

New PF Transfer Rule: एक अप्रैल से नई नौकरी बदलने पर ईपीएफ खाते का पैसा खुद-ब-खुद ट्रांसफर हो जाएगा। कर्मचारियों को ईपीएफ में अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी जमा करना होता है। मैन्युअल रूप से पीएफ ट्रांसफर करने के लिए रिक्वेस्ट करने की जरूरत अब खत्म हो गई है।

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New PF Transfer Rule: दीपक पिछले सात साल प्राइवेट सेक्टर में जॉब कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई नौकरियां बदली हैं। हर बार जब वो नई कंपनी में ज्वॉइन करते हैं, तो उन्हें अपना प्रोविडेंट फंड (PF) खाता का बैलेंस ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन करना पड़ता है। दीपक ने एक बार फिर से जॉब बदली है और तीन अप्रैल को नई कंपनी में ज्वॉइन किया। जैसा वो हर बार अपने पीएफ खाते का बैलेंस ट्रांसफर करवाने के लिए रिक्वेस्ट दर्ज करते हैं, तो इस बार भी किया। लेकिन इस बार उनकी नई कंपनी की HR ने बताया कि अब उन्हें पीएफ खाते को ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि एक अप्रैल से इससे जुड़े नियम बदल गए हैं।

क्या है नया नियम

दीपक ने नए नियम के बारे में पूछा तो HR ने बताया कि नए नियम के अनुसार, जब कोई व्यक्ति नौकरी बदलेगा, तो उसका पुराना पीएफ बैलेंस ऑटोमैटिक रूप से ट्रांसफर हो जाएगा। इससे ईपीएफओ खाताधारकों को नई कंपनी में शामिल होने पर मैन्युअल रूप से पीएफ ट्रांसफर के लिए रिक्वेस्ट करने की जरूरत खत्म हो गई है। पहले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होने के बावजूद लोगों को पीएफ ट्रांसफर के लिए अनुरोध करने की परेशानी से गुजरना पड़ता था जो अब जरूरी नहीं होगा। ईपीएफओ ने ऑटोमैटिक फंड ट्रांसफर की सुविधा शुरू कर दी है। यह सुविधा एक अप्रैल से मिलनी शुरू हो गई है। हालांकि, यह सविधा उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनका केवाईसी पूरा होगा।

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा एक व्यक्ति को जारी किए गए कई सदस्य आईडी के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। यह एक ही मेंबर को कई ईपीएफ खातों (सदस्य आईडी) को जोड़ने की सुविधा प्रदान करता है। UAN के जरिए आप पीएफ खाते से जुड़ी कई सर्विस का फायदा उठा सकते हैं। इनमें खाते का बैलेंस चेक करना, खाते में जानकारी अपडेट करना, पासबुक अपडेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। लेकिन इसके लिए UAN एक्टिव होना जरूरी है। ईपीएफओ द्वारा आवंटित यह नंबर हमेशा एक ही रहता है।

एक अप्रैल से नई नौकरी बदलने पर ईपीएफ खाते का पैसा खुद-ब-खुद ट्रांसफर हो जाएगा। कर्मचारियों को ईपीएफ में अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी जमा करना होता है। साथ ही नियोक्ता को भी इसी के बराबर कर्मचारी की ओर से पैसा ईपीएफ खाते में जमा करना होता है। 12 फीसदी में से नियोक्ता का 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।

यूएएन कैसे एक्टिवेट करें?

ईपीएफओ पोर्टल पर जाएं और सर्विस सेक्शन के तहत 'कर्मचारी' पर क्लिक करें। उसके बाद, सर्विस सेगमेंट के तहत 'सदस्य यूएएन/ऑनलाइन सेवा' विकल्प चुनें। 'एक्टिवेट यूएएन' पर क्लिक करें और फिर यूएएन, सदस्य आईडी और आधार नंबर सहित विवरण दर्ज करें। आपको ऑथोराइजेशन पिन के लिए अनुरोध करना होगा। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। सब कुछ हो जाने के बाद आपको यूएएन सदस्य पोर्टल में लॉग इन करने और अपने ईपीएफ खाते तक पहुंचने के लिए अपने मोबाइल नंबर पर एक पासवर्ड प्राप्त होगा।

TNN Business Desk
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