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Masked Aadhaar और Unmasked Aadhaar में क्या अंतर है? कहां कौन-सा इस्तेमाल करें

आधार कार्ड शेयर करने के दौरान क्या आपको भी यही लगता है कि सुरक्षा के लिहाज से चाह कर भी पूरा आधार नंबर छुपाया नहीं जा सकता? अगर हां तो आपको Masked Aadhaar के बारे में जरूर जानना चाहिए।

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Masked Aadhaar और Unmasked Aadhaar में क्या अंतर है? (Photo: X Handle/@UIDAI)

आधार कार्ड (Aadhaar Card) भारत में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए एक जरूरी सरकारी डॉक्यूमेंट है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, मोबाइल कनेक्शन और कई तरह की सेवाओं में पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार की कॉपी या डिजिटल वर्जन शेयर करते समय अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। हालांकि, अधिकतर लोगों को लगता है कि आधार कार्ड शेयर करते ही आधार नंबर की जानकारी सामने आ जाती है, ऐसे में सुरक्षा का ध्यान कैसे रखा जाए? अगर आपको भी ऐसा लगता है तो आपको Masked Aadhaar के बारे में जरूर जानना चाहिए।

आधार कार्ड के कितने वर्जन होते हैं?

दरअसल, UIDAI की ओर से आधार के दो तरह के वर्जन डाउनलोड करने की सुविधा मिलती है- Masked Aadhaar और सामान्य यानी Unmasked Aadhaar। दोनों डॉक्यूमेंट्स में आपकी पहचान से जुड़ी जानकारी होती है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर आधार नंबर दिखाई देने को लेकर है।

क्या होता है Masked Aadhaar?

Masked Aadhaar

Masked Aadhaar क्या है

Masked Aadhaar में आपके 12 अंकों के आधार नंबर के शुरुआती 8 अंक छिपा दिए जाते हैं। इसमें केवल आखिरी 4 अंक दिखाई देते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपका आधार नंबर 1234 5678 9012 है तो Masked Aadhaar में यह XXXX XXXX 9012 के रूप में दिखाई देगा। Masked Aadhaar में आपका नाम, फोटो, जन्मतिथि और पता जैसी जानकारी दिखाई देती है।

क्या होता है Unmasked Aadhaar?

Unmasked Aadhaar में आपका पूरा 12 अंकों का आधार नंबर दिखाई देता है। यह वही सामान्य आधार कार्ड या e-Aadhaar वर्जन है, जिसे UIDAI की ओर से डाउनलोड किया जा सकता है।

Masked और Unmasked Aadhaar में मुख्य अंतर

दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर आधार नंबर की विजिबिलिटी का है। Masked Aadhaar में केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं, जबकि Unmasked Aadhaar में पूरे 12 अंक दिखाई देते हैं।

Masked Aadhaar कहां इस्तेमाल करें?

अगर किसी होटल, इवेंट, सामान्य KYC प्रक्रिया या किसी ऐसी जगह पहचान का प्रमाण देना है जहां पूरे आधार नंबर की जरूरत नहीं है तो Masked Aadhaar एक बेहतर विकल्प हो सकता है। खासकर किसी अनजान व्यक्ति, एजेंसी या संस्था को आधार की कॉपी देते समय यह देखना जरूरी है कि क्या उन्हें वास्तव में पूरा आधार नंबर चाहिए। हालांकि, हर सेवा के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए दस्तावेज जमा करने से पहले संबंधित संस्था से यह जरूर पूछें कि Masked Aadhaar स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

कब देना पड़ सकता है Unmasked Aadhaar?

जहां किसी अधिकृत संस्था को आधार नंबर का इस्तेमाल किसी खास KYC या पहचान सत्यापन प्रक्रिया के तहत करना जरूरी है, वहां Unmasked Aadhaar की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्था के नियमों के अनुसार पूरा आधार नंबर देना पड़ सकता है।

आधार शेयर करते समय रखें सावधानी

आधार की कॉपी किसी के साथ भी बिना जरूरत शेयर न करें। अगर ईमेल या वॉट्सऐप के जरिए आधार भेज रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि सामने वाला व्यक्ति या संस्था भरोसेमंद और अधिकृत हो। सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अनजान लोगों के साथ आधार की फोटो शेयर करने से बचना चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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