कस्टम नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, दुबई से सोना-आईफोन लाने वालों की हो गई मौज
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Feb 4, 2026, 02:23 PM IST
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद एयरपोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। सरकार का कहना है कि कागजी कार्रवाई कम होगी और यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। ये सभी नियम 2 फरवरी, 2026 से लागू हो चुके हैं।
New customs rules and regulations in india
विदेश से भारत लौटने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने कस्टम नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसकी घोषणा 1 फरवरी 2026 को पेश हुए बजट 2026 में की गई है। नए नियमों के तहत भारतीय नागरिकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही ज्वेलरी लाने के नियमों को भी सरल बना दिया गया है, जहां अब कीमत के बजाय वजन के आधार पर छूट तय की जाएगी।
2 फरवरी 2026 से लागू हुए नए नियम
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद एयरपोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। सरकार का कहना है कि कागजी कार्रवाई कम होगी और यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। ये सभी नियम 2 फरवरी, 2026 से लागू हो चुके हैं।
यात्रियों को कितनी मिलेगी ड्यूटी-फ्री छूट
हवाई और समुद्री मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। हालांकि सड़क मार्ग से भारत आने वाले यात्रियों को सामान्य ड्यूटी-फ्री छूट का लाभ नहीं मिलेगा। यदि ले जाए जा रहे सामानों का कुल मूल्य 75,000 रुपये से अधिक है, तो अतिरिक्त कीमत के लिए 10% सीमा शुल्क और उस शुल्क पर 10% सामाजिक कल्याण अधिभार देना होगा। पहले मूल सीमा शुल्क 20% था।
- भारतीय निवासी: 75 हजार रुपये तक का सामान बिना ड्यूटी ला सकते हैं।
- भारतीय मूल के पर्यटक: इनके लिए भी सीमा 75 हजार रुपये तय की गई है।
- विदेशी नागरिक (नॉन-टूरिस्ट वीजा): इन्हें भी 75 हजार रुपये तक की छूट मिलेगी।
- विदेशी मूल के पर्यटक: इनकी लिमिट 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है।
- एयरलाइन क्रू मेंबर्स: इनके लिए ड्यूटी-फ्री सीमा पहले की तरह 2,500 रुपये ही रहेगी।
ज्वेलरी के नियमों में बड़ी राहत
कस्टम विभाग ने ज्वेलरी पर कीमत आधारित सीमा को खत्म कर दिया है। अब केवल वजन के आधार पर छूट मिलेगी। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी, जो एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे हैं। महिला यात्री 40 ग्राम तक की ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री ला सकती हैं। अन्य यात्री के लिए 20 ग्राम तक की सीमा तय की गई है।
जरूरी सामान की कैटेगरी में बदलाव
कुछ जरूरी सामानों को लेकर भी नियमों में स्पष्टता लाई गई है।
- लैपटॉप: 18 साल या उससे अधिक उम्र का हर यात्री एक लैपटॉप बिना ड्यूटी ला सकता है। दूसरे लैपटॉप पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
- पालतू जानवर: नए नियमों में पालतू जानवरों को भी ड्यूटी-फ्री श्रेणी में शामिल किया गया है, लेकिन इसके लिए एनिमल इम्पोर्ट से जुड़े नियमों का पालन जरूरी होगा।
- टेम्परेरी सर्टिफिकेट: थोड़े समय के लिए कीमती सामान ले जाने या लाने पर कस्टम अब टेम्परेरी बैगेज एक्सपोर्ट/इंपोर्ट सर्टिफिकेट जारी करेगा, जिससे वापसी के समय दिक्कत नहीं होगी।
ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस पर मिलेगा ज्यादा फायदा
जो लोग विदेश से स्थायी रूप से भारत शिफ्ट हो रहे हैं, उनके लिए अब सामान की सूची के बजाय विदेश में रहने की अवधि के आधार पर वैल्यू तय की जाएगी।
- 12 महीने तक विदेश में रहने पर: 1.50 लाख रुपये तक की छूट।
- 1 से 2 साल तक रहने पर: 3 लाख रुपये की लिमिट।
- 2 साल से ज्यादा रहने पर: 7.50 लाख रुपये तक का फायदा।
- डिजिटल डिक्लेरेशन से प्रक्रिया होगी आसान