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LPG Crisis: इंफ्रारेड चूल्हा क्या होता है, कौन-सा खरीदना चाहिए, एक प्लेट वाला या दो प्लेट वाला

What Is Infrared Chulha: अब लोग गैस चूल्हे की बजाय बिजली से चलने वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इंडक्शन चूल्हों की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन खास बर्तनों की जरूरत और उनकी कमी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में इंफ्रारेड चूल्हा एक आसान और उपयोगी विकल्प बनकर सामने आया है।

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Infrared Chulha/Photo- Canva

आजकल LPG सिलेंडर की किल्लत के बीच देश में एलपीजी के विकल्पों की बात हो रही है। गैस सिलेंडर के लिए लोगों को कई दिक्कत ना हो इसके लिए सरकार जरूरी कदम भी उठा रही है।कई जगहों पर कमी के चलते लोगों के किचन का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। अब लोग गैस चूल्हे की बजाय बिजली से चलने वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इंडक्शन चूल्हों की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन खास बर्तनों की जरूरत और उनकी कमी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में इंफ्रारेड चूल्हा एक आसान और उपयोगी विकल्प बनकर सामने आया है।

क्या है इंफ्रारेड चूल्हा और कैसे करता है काम?

इंफ्रारेड चूल्हा बिजली से चलता है और इंफ्रारेड रेडिएशन के जरिए बर्तन को गर्म करता है। यह सीधे बर्तन के नीचे नहीं, बल्कि उसकी सतह तक गर्मी पहुंचाता है, जिससे पूरे बर्तन में समान रूप से ताप फैलता है। इसका फायदा यह होता है कि खाना जल्दी और बराबर पकता है। खास बात यह है कि इसमें एल्यूमीनियम, स्टील, कॉपर और लोहे जैसे सभी प्रकार के बर्तन इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

कम तेल में भी हो जाती है कुकिंग

इंफ्रारेड चूल्हे की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम तेल में भी खाना आसानी से बनाया जा सकता है। यह हेल्दी कुकिंग के लिए भी अच्छा विकल्प माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकते हैं।

एक प्लेट या दो प्लेट-कौन सा बेहतर?

इंफ्रारेड चूल्हा खरीदते समय एक प्लेट या दो प्लेट का चुनाव आपके परिवार और जरूरत पर निर्भर करता है। छोटे परिवार या हल्की कुकिंग के लिए एक प्लेट वाला चूल्हा बेहतर रहता है। यह कम जगह घेरता है, सस्ता होता है और बिजली की खपत भी कम करता है। वहीं, बड़े परिवार या रोजाना कई डिश बनाने वालों के लिए दो प्लेट वाला मॉडल सही रहता है, जिससे एक साथ दो बर्तन इस्तेमाल कर खाना जल्दी तैयार किया जा सकता है।

वॉट का क्या है मतलब?

इंफ्रारेड चूल्हा लेते समय उसकी वॉट क्षमता पर ध्यान देना जरूरी है। कम वॉट (500-1800W) वाले चूल्हे हल्की कुकिंग जैसे चाय, कॉफी या मैगी के लिए उपयुक्त होते हैं। वहीं 2000 वॉट या उससे ज्यादा क्षमता वाले चूल्हे तेजी से गर्म होते हैं और बड़े परिवार के लिए बेहतर होते हैं। हालांकि ज्यादा वॉट का मतलब ज्यादा बिजली खर्च भी होता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनना जरूरी है।

अब कुल मिलाकर कहें तो बढ़ती LPG कीमतों और किल्लत के बीच इंफ्रारेड चूल्हा एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प बनता जा रहा है। यह न केवल सभी तरह के बर्तनों के साथ काम करता है, बल्कि तेजी से और समान रूप से खाना पकाने में भी मदद करता है। सही मॉडल और क्षमता का चुनाव करके आप अपने किचन को और भी स्मार्ट बना सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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