How RAC Ticket Seat Allocation Works in Indian Railways: भारतीय रेलवे (Indian Railways) में टिकट बुकिंग के दौरान कई बार यात्रियों को RAC यानी Reservation Against Cancellation स्टेटस मिलता है। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर सवाल होता है कि RAC टिकट पर यात्रा कैसे होती है और आखिर सीट कब कन्फर्म होती है। इस आर्टिकल में हम आपको RAC टिकट को लेकर ही सारी जरूरी जानकारी दे रहे हैं-
RAC Ticket (Photo: iStock)
RAC Ticket (Photo: iStock)
क्यों बनाया गया है RAC सिस्टम
दरअसल, इसे ऐसे समझें कि रेलवे ने ट्रेनों में उपलब्ध सीटों का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए RAC सिस्टम बनाया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को यात्रा का मौका मिल सके।जब किसी ट्रेन की सभी सीटें फुल हो जाती हैं, तब यात्रियों को RAC टिकट जारी किया जाता है। RAC टिकट का मतलब यह नहीं है कि यात्री यात्रा नहीं कर सकता। RAC स्टेटस वाले यात्री ट्रेन में सफर कर सकते हैं, लेकिन शुरुआत में उन्हें पूरी बर्थ नहीं मिलती। आमतौर पर दो RAC यात्रियों को एक साइड लोअर बर्थ शेयर करनी पड़ती है।
ट्रेन में कर सकते हैं सफर
RAC टिकट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें वेटिंग लिस्ट की तुलना में यात्रा की संभावना ज्यादा होती है। वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं मिलती, जबकि RAC यात्री ट्रेन (Train) में सफर कर सकते हैं। यही वजह है कि RAC टिकट को वेटिंग से बेहतर माना जाता है।
RAC टिकट कैसे कंफर्म होता है
RAC टिकट कब कन्फर्म होगा यह मुख्य रूप से टिकट कैंसिलेशन पर निर्भर करता है। अगर कोई कन्फर्म टिकट वाला यात्री अपना टिकट रद्द करता है, तो खाली हुई सीट RAC यात्रियों को दे दी जाती है। इसी तरह अगर किसी यात्री का अपग्रेडेशन हो जाता है, तब भी सीट खाली होने पर RAC टिकट कन्फर्म हो सकता है।
उदाहरण से समझें तो अगर किसी टिकट पर RAC18/RAC2 लिखा हो तो इसका मतलब है कि बुकिंग के समय यात्री का नंबर 15 था, लेकिन अब वह RAC2 पर पहुंच चुका है। यानी सीट कन्फर्म होने की संभावना काफी बढ़ गई है। यात्रा की तारीख नजदीक आने पर टिकट स्टेटस लगातार बदल सकता है।
रेलवे के नियमों के अनुसार RAC यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना टिकट कैंसिल भी कर सकते हैं। हालांकि टिकट कन्फर्म होने की संभावना यात्रा से ठीक पहले ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि कई यात्री अंतिम समय में टिकट रद्द कर देते हैं।
RAC स्टेटस से कैसे बचें
ट्रेन की टिकट अधिकतम 2 महीने यानी 60 दिन पहले बुक की जा सकती है। ऐसे में अगर यात्री RAC स्टेटस से बचना चाहते हैं, तो उन्हें टिकट पहले से बुक करने की सलाह दी जाती है। त्योहारों और छुट्टियों के समय ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है, इसलिए एडवांस बुकिंग काफी जरूरी हो जाती है। इसके अलावा यात्री दूसरी ट्रेन या दूसरी यात्रा तारीख का विकल्प भी देख सकते हैं।
जानकार सलाह देते हैं कि यात्रियों को अपने टिकट का स्टेटस नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए। टिकट कैंसिलेशन या अन्य बदलावों की वजह से RAC टिकट कभी भी कन्फर्म हो सकता है। सही जानकारी और समय पर अपडेट लेने से यात्री अपनी यात्रा बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं।
