EPFO News: यदि आप भी एक नौकरीपेशा आदमी हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े हैं तो आपके लिए बहुत बड़ी खबर है। ईपीएफओ ने देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है। वैसे तो इसे लेकर लंबे समय से खबरें चल रही थीं कि जल्द ही एटीएम या यूपीआई से PF के पैसों की निकासी हो सकेगी, लेकिन अब EPFO ने इसे कंफर्म कर दिया है। EPFO ने PF निकासी में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि अब यूपीएआई से PF का पैसा निकाला जा सकेगा। नए नियम के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 से यूपीआई के जरिए PF का पैसा निकाला जा सकेगा।
PF निकासी नियमों में बड़ा बदलाव
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने आंशिक निकासी से जुड़े 13 अलग-अलग प्रावधानों को समाप्त कर एकीकृत ढांचा मंजूर किया है। नई व्यवस्था में निकासी को तीन श्रेणियों में बांटा गया है जिनमें आवश्यक जरूरतें, आवास संबंधी आवश्यकताएं और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं।
पूरी राशि निकालने की सुविधा
नए नियमों के तहत सदस्य अपने पात्र EPF बैलेंस की लगभग पूरी राशि निकाल सकेंगे, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का फंड शामिल होगा, हालांकि खाते में न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना अनिवार्य होगा। इससे सदस्यों को 8.25 प्रतिशत की मौजूदा वार्षिक ब्याज दर और रिटायरमेंट के लिए लंबी अवधि के कंपाउंडिंग लाभ मिलते रहेंगे।
आठ करोड़ से अधिक सदस्यों को फायदा
इस बदलाव से करीब आठ करोड़ EPFO सदस्यों को फायदा मिलेगा। महामारी के दौरान शुरू की गई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा अब नई श्रेणियों के तहत भी लागू होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे हर साल निपटाए जाने वाले पांच करोड़ से अधिक दावों पर प्रशासनिक बोझ कम होगा और भुगतान तेजी से हो सकेगा।
UPI आधारित सिस्टम कैसे करेगा काम
नई प्रणाली में सदस्य रियल-टाइम में यह देख सकेंगे कि वे कितनी राशि निकाल सकते हैं। UPI से लिंक्ड पिन के जरिए वे निकासी को मंजूरी देंगे। मंजूरी मिलते ही पैसा सीधे बैंक खाते में जमा हो जाएगा, जिसे डिजिटल पेमेंट या डेबिट कार्ड के माध्यम से तुरंत इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह निकासी तीन दिनों के भीतर होगी और पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होगी।
तकनीकी तैयारी अंतिम चरण में
EPFO फिलहाल अपने सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को अंतिम रूप दे रहा है। श्रम मंत्रालय इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है ताकि बड़े पैमाने पर लागू होने से पहले तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके। पूरी तरह लागू होने के बाद यह व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा सेवाओं में डिजिटल बदलाव की मिसाल बनेगी।
आधुनिक बैंकिंग मानकों की ओर कदम
हालांकि EPFO के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है और वह सीधे नकद निकासी की अनुमति नहीं देता, लेकिन UPI आधारित निकासी को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के अनुरूप एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों को अपनी बचत पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, साथ ही रिटायरमेंट सुरक्षा भी बनी रहेगी।
जल्द जारी होगी आधिकारिक अधिसूचना
इन बदलावों की औपचारिक अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिसे केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की मंजूरी मिल चुकी है। लाखों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए यह सुधार EPF तक पहुंच को पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाने वाला साबित होगा।
