थावे से सिवान, छपरा होते हुए पटना के लिए अभी तक कोई सीधी ट्रेन सेवा नहीं है लेकिन जल्द ही यह सपना पूरा होने वाला है। बिहार के महराजगंज संसदीय क्षेत्र के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार मुलाकात कर अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े विभिन्न रेलवे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
यह चर्चा पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने को लेकर हुई। इस दौरान रेलगाड़ियों के ठहराव, नई रेल सेवाओं की शुरुआत और स्टेशनों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। सिग्रीवाल ने इस मुलाकात की जानकारी फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए दी है।
पटना के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग
बैठक के दौरान थावे से सिवान, चैनवा, एकमा, दाउदपुर, कोपा-सम्होता और छपरा होते हुए पटना तक ईएमयू, डीएमयू और नमो भारत ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा सिवान-दरौंदा-महाराजगंज-मशरख मार्ग से भी पटना के लिए नमो भारत और ईएमयू/डीएमयू ट्रेनों की सेवा शुरू करने की मांग की गई, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को राजधानी तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिल सके।
गोरखपुर से पटना तक वंदे भारत ट्रेन चलाने का आग्रह
रेल मंत्री के सामने गोरखपुर से सिवान, एकमा और छपरा होते हुए पाटलिपुत्र या पटना तक वंदे भारत ट्रेन चलाने का भी प्रस्ताव रखा गया। इस ट्रेन के संचालन से पूर्वांचल और बिहार के कई जिलों के यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
नए रेलवे हाल्ट के निर्माण का प्रस्ताव
बैठक में पहले से लंबित एक महत्वपूर्ण मांग को भी दोबारा उठाया गया। इसमें महाराजगंज-मशरख रेलखंड पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री महामाया बाबू के नाम पर पटेढ़ी और बहरौली में एक-एक रेलवे हाल्ट के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। इससे आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को रेलवे सेवा का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
रेल मंत्री को सौंपा गया मांग पत्र
सांसद ने इन सभी जनहित से जुड़े मुद्दों पर रेल मंत्री से विस्तृत चर्चा करने के बाद संबंधित मांगों का एक मांग-पत्र भी सौंपा। उन्होंने इन प्रस्तावों को जल्द लागू करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार हो सके और यात्रियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था मिल सके।
