कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए इस साल मई में चुनाव होंगे। राज्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और जेडी-एस के बीच है। 2018 के चुनाव में सबसे ज्यादा 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में उसने सरकार का गठन भी किया लेकिन यह सरकार केवल तीन दिन चल पाई। सदन में येदियुरप्पा अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद जेडी-एस और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई। एचडी कुमारस्वामी राज्य के सीएम बने। यह सरकार भी 14 महीने बाद गिर गई। कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सत्ता की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची।
सत्ता समीकरण के इस खेल में भगवा पार्टी ने बाजी मारी और जुलाई 2019 में येदियुरप्पा एक बार फिर सीएम। जुलाई 2021 में येदियुरप्पा को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। फिर सीएम पद पर भाजपा ने बासवराज बोम्मई की ताजपोशी की। बोम्मई ने राज्य के 23वें सीएम के रूप में शपथ ली। इस बार बीजेपी सत्ता में दोबारा आने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है तो कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर को भुनाने के लिए कमर कसकर तैयार है। तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में जेडी-(एस) की कोशिश खुद को किंगमेकर के रूप में उभारने की है। कुल मिलाकर इस बार का विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है।