हर दिन करोड़ों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी UPI यूज कर रहे हैं तो आपके लिए गुड न्यूज है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया अब UPI पेमेंट के प्रॉसेस को बेहद आसान बना दिया है। NPCI की तरफ से UPI ट्रांजैक्शन में एक नया और बेहद यूजफुल फीचर जोड़ दिया गया है। NPCI ने UPI ट्रांजैक्शन्स के लिए बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन की सुविधा को जोड़ दिया है।
ऑनलाइन पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स को मिली बड़ी सहूलियत। (फोटो क्रेडिट-Digit)
आपको बता दें कि NPCI ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान UPI पेमेंट्स के लिए बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन को लॉन्च किया। NPCI की तरफ से पेश किया गया यह नया फीचरऑन डिवाइस बायोमेट्रिक वेरिफेकेशन के जरिए काम करेगा। बायोमेट्रिक सुविधा आने के बाद अब यूजर्स को पेमेंट करने के लिए पिन डालने का झंझट नहीं करना होगा।
UPI में अब तक का सबसे बड़ा अपडेट
बता दें कि अप्रैल 2016 में लॉन्च हुए UPI डिजिटल पेमेंट सिस्टम में यह अब तक का सबसे बड़ा सिक्योरिटी अपडेट है। अब यूजर्स पिन कोड की जगह सिर्फ फेस और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके ऑथेंटिकेट कर पाएंगे। NPCI ने अपने इस नए फीचर के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि डिवाइस के जरिए फेस और फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन से पेमेंट की प्रॉसेस पहले से काफी आसान हो जाएगी।
UPI में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर के साथ आप पिन कोड का भी इस्तेमाल कर पाएंगे। मतलब अब आपके पास ऑथेंटिकेशन के कुल तीन ऑप्शन मौजूद होंगे। इस नए फीचर का एक बड़ा फायदा यह होगा कि अगर आप UPI का सिक्योरिटी पिन कोड भूल जाते हैं तो भी बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर पाएंगे।
NPCI ने बढ़ाई लिमिट
आपको बता दें कि यूजर्स को ऑनलाइन पेमेंट में सुविधा देने के लिए NPCI ने पिछले कुछ समय में UPI में कई बड़े बदलाव किए हैं। हाल ही में UPI में ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ाया गया था। UPI में यह लिमिट सरकारी, ई-मार्केटप्लेस, इंश्योरेंस, ट्रैवल एंड टूरिज्म सहित सभी कैटेगरी के लिए बढ़ाई गई है। NPCI के मुताबिक अब यूजर्स को प्रति ट्रांजैक्शन पांच लाख रुपये तक की लिमिट मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ यूपीआई यूजर्स को कैपिटल मार्केट में इनवेस्टमेंट, इंश्योरेंस प्रीमियम, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पेमेंट्स के ट्रांजैक्शन के लिए10 लाख रुपये तक की लिमिट मिलेगी।
