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पीएम मोदी ने क्रिएटर्स से कहा, जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए बनाएं गेम

PM Modi With Gamers: अनिमेष अग्रवाल, मिथिलेश पाटणकर, पायल धारे, नमन माथुर और अंशू बिष्ट जैसे कुछ शीर्ष भारतीय गेमर्स के साथ बातचीत में, प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिमी दुनिया द्वारा सृजित शूटिंग खेलों के विपरीत, हमारे खेलों को वास्तविक जीवन के मुद्दों का भी समाधान करना चाहिए।

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PM Modi With Gamers

PM Modi With Gamers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को क्रिएटर्स से कहा कि उन्हें ऐसे गेम बनाने चाहिए, जो जलवायु परिवर्तन और स्वच्छता जैसे वैश्विक समस्याओं का समाधान कर सके। बता दें कि पीएम मोदी देश के टॉप-7 गेमर्स से मिले और उनके साथ गेम भी खेला। गेमर्स ने कौशल-आधारित गेमिंग में रचनात्मकता को पहचानने के पीएम मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गेमिंग को आगे बढ़ाया जाए और दूसरों को प्रेरित किया जाए।

इन सात गेमर्स से मिले PM मोदी

अनिमेष अग्रवाल, मिथिलेश पाटणकर, पायल धारे, नमन माथुर और अंशू बिष्ट जैसे कुछ शीर्ष भारतीय गेमर्स के साथ बातचीत में, प्रधान मंत्री ने कहा कि पश्चिमी दुनिया द्वारा सृजित शूटिंग खेलों के विपरीत, हमारे खेलों को वास्तविक जीवन के मुद्दों का भी समाधान करना चाहिए।

ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के लेकर की बात

उन्होंने कहा,“विश्व नेता ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के बारे में बात करते हैं और उनसे निपटने के तरीकों की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी ने गेमर्स से कहा, मैंने 'मिशन लाइफ: लाइफस्टाइल फॉर एनवायरमेंट' नाम से एक वैकल्पिक तरीका तैयार किया है। पीएम मोदी ने गेमर्स से कहा, "परिवर्तन के लिए ऐसे गेम बनाएं, जो न केवल स्थानीय समस्याओं का, बल्कि वैश्विक मुद्दों का भी समाधान करे।"

गेम से लगाए जलवायु संकट का समाधान-PM मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा,“अब, वैश्विक जलवायु संकट के समाधान के उद्देश्य से एक गेम की कल्पना करें, यहां गेमर को सबसे टिकाऊ दृष्टिकोण की पहचान करने के लिए विभिन्न तरीकों और समाधानों का पता लगाना होगा।" इसी तरह, एक खेल स्वच्छता के इर्द-गिर्द घूम सकता है और देश के प्रत्येक बच्चे को ऐसे खेल खेलना चाहिए और गेमिंग के वास्तविक महत्व को समझना चाहिए।

कौशल-आधारित गेमिंग के लिए विनियमन की जरूरत नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ई-स्पोर्ट्स, विशेष रूप से कौशल-आधारित गेमिंग के लिए किसी विनियमन की आवश्यकता नहीं है, इसे एक संगठित और कानूनी ढांचे के तहत फलने-फूलने के लिए स्वतंत्र रहना चाहिए, ताकि इस क्षेत्र में विश्व स्तरीय नवाचार प्रदान करते हुए युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा किया जा सके। प्रधान मंत्री ने कहा कि मैं देश को 2047 तक उस स्तर तक पहुंचाना चाहता हूं कि मध्यम वर्ग को किसी भी अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता न हो।

गेमिंग को आगे बढ़ाने का समय

गेमर्स ने कौशल-आधारित गेमिंग में रचनात्मकता को पहचानने के पीएम मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की और इसे अपने लिए एक प्रोत्साहन माना। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गेमिंग को आगे बढ़ाया जाए और दूसरों को प्रेरित किया जाए। गेमर्स ने पीएम मोदी को बताया कि गेमिंग कुछ साल पहले ही शुरू हुई है और अब हममें से कुछ लोगों के लिए यह एक व्यवहार्य करियर विकल्प है। गेमिंग के प्रति धारणा बदल गई है।

इनपुट- आईएनएस

TNN Tech Desk
TNN टेक डेस्क author

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