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डॉक्टर की जगह नहीं ले पाएगा ChatGPT! हार्ट रिस्क का आकलन करने में हुआ फेल

ChatGPT fails To Assess Heart Risk: सीने में दर्द वाले रोगियों के मामलों में चैटजीपीटी की भविष्यवाणियां गलत निकली। उन्होंने एक ही रोगी डेटा के लिए अलग-अलग हृदय जोखिम मूल्यांकन स्तर भी प्रदान किए - निम्न से उच्च जोखिम स्तर तक।

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ChatGPT fails To Assess Heart Risk: ओपनएआई का चैटजीपीटी कई मेडिकल परीक्षा निकाल सकता है, लेकिन इसमें हार्ट जोखिम का आकलन करने की क्षमता नहीं है। बुधवार को जारी एक स्टडी में ये बात सामने आई। अमेरिका में एक जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, "कुछ स्वास्थ्य आकलन के लिए इस पर भरोसा करना नासमझी होगी, जैसे कि सीने में दर्द वाले मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं"।

हार्ट रिस्क का आकलन करने में फेल है ChatGPT

सीने में दर्द वाले रोगियों के मामलों में चैटजीपीटी की भविष्यवाणियां गलत निकली। उन्होंने एक ही रोगी डेटा के लिए अलग-अलग हृदय जोखिम मूल्यांकन स्तर भी प्रदान किए - निम्न से उच्च जोखिम स्तर तक।

वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के एलसन एस. फ्लॉयड कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता और मुख्य लेखक डॉ. थॉमस हेस्टन ने कहा, यह भिन्नता "खतरनाक हो सकती है"। इसके अलावा, जेनेरिक एआई सिस्टम उन पारंपरिक तरीकों से मेल खाने में भी विफल रहा, जिनका उपयोग डॉक्टर किसी मरीज के हृदय संबंधी जोखिम का आकलन करने के लिए करते हैं।

स्वास्थ्य सेवा में जेनेरिक एआई के लिए संभावनाएं

हेस्टन ने कहा, "चैटजीपीटी ठीक से काम नहीं कर रहा था।" हालांकि, हेस्टन स्वास्थ्य सेवा में जेनेरिक एआई के लिए काफी संभावनाएं देखते हैं। उन्होंने कहा, "यह एक उपयोगी टूल हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि प्रौद्योगिकी हमारी समझ से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रही है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम और रिसर्च करें, विशेष रूप से इन उच्च जोखिम वाली नैदानिक स्थितियों में।"

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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