कुछ ही देर में धरती के करीब होगा शनि, आकाश में दिखेगा दुर्लभ नजारा, भारत में हाथ लगेगी मायूसी

धरती और शनि ग्रह अब से कुछ ही देर में एक-दूसरे के करीब होंगे, जिसे दुनिया के कई हिस्‍सों से देखा जा सकेगा। हालांकि भारत में इसे देखने के इच्‍छुक लोगों को निराशा हाथ लगने वाली है। 

कुछ ही देर में धरती के करीब होगा शनि, आकाश में दिखेगा दुर्लभ नजारा
कुछ ही देर में धरती के करीब होगा शनि, आकाश में दिखेगा दुर्लभ नजारा (iStock)  |  तस्वीर साभार: Representative Image

नई दिल्‍ली : इस ब्रह्मांड में कई ऐसी खगोलीय घटनाएं होती हैं, जो हम सबको वक्‍त-वक्‍त पर अचरज में डाल देती है। ऐसी ही एक घटना अब से कुछ ही देर में होने वाली है, जब धरती और शनिवार एक दूसरे के सबसे करीब होंगे। धरती से करीब होने की वजह से शनि यहां से आम दिनों की अपेक्षा अधिक चमकीला नजर आएगा। हालांकि भारत से यह दुर्लभ नजारा नहीं देखा जा सकेगा, क्‍योंकि यहां इस वक्‍त दिन का समय है।

पठानी सामंत तारामंडल के उप निदेशक डॉ. सुवेंदु पटनायक के मुताबिक, 2 अगस्त को सुबह 11.30 बजे शनि और पृथ्वी एक-दूसरे के करीब होंगे। दुनिया के जिस हिस्‍से में इस वक्‍त रात हो रही होगी, लोग अपेक्षाकृत अधिक चमकदार शनि ग्रह को देख पाएंगे। भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा, क्‍योंकि यहां दिन का वक्‍त है। उन्‍होंने बताया कि पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में जहां लगभग 365 दिन लगते हैं, वहीं शनि को सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में लगभग 29.5 वर्ष लगते हैं।

साल में एक बार आता है ऐसा मौका

उन्‍होंने बताया कि हर साल एक वक्‍त ऐसा आता है, जब धरती और शनि अपने कक्षीय पथ में घूमते हुए एक-दूसरे के करीब आते हैं। 1 वर्ष और 13 दिनों के अंतराल पर ऐसा होता है। इससे पहले धरती और शनि 20 जुलाई, 2020 को एक-दूसरे के करीब आए थे। 2021 में 2 जुलाई को यह दिन आया, जबकि अगले साल यानी 2022 में अगस्‍त अगस्‍त को ऐसा होने का अनुमान है, जब पृथ्‍वी और शनि एक-दूसरे के करीब होंगे।

उन्होंने कहा कि धरती और शनि जब एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे तो उनके बीच औसत दूरी लगभग 120 करोड़ किलोमीटर की होगी। यह उनके बीच की अधिकतम दूरी की तुलना में 50 करोड़ किलोमीटर कम है। इस दौरान शनि को नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि पूरे अगस्‍त माह रात के समय देखा जा सकेगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि शनि के कुछ उपग्रहों को टेलीस्‍कोप की मदद से देखा जा सकता है।

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