टेक एंड गैजेट्स

Deepfake विवाद पर Apple सख्त! एलन मस्क के Grok AI ऐप को App Store से हटाने की दी थी चेतावनी

Grok विवाद ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि AI तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है।

Image

Deepfake विवाद पर Apple सख्त! एलन मस्क के Grok AI ऐप को App Store से हटाने की दी थी चेतावनी

Apple ने एलन मस्क की कंपनी xAI के Grok AI चैटबॉट को लेकर बड़ा कदम उठाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, App Store गाइडलाइंस के उल्लंघन के कारण Apple ने Grok ऐप को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की चेतावनी दी थी, हालांकि उस समय कंपनी ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया, लेकिन अंदर ही अंदर इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की गई।

क्या है पूरा Deepfake विवाद?

Grok को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब यूजर्स ने इसका इस्तेमाल गैर-सहमति वाले अश्लील डीपफेक कंटेंट बनाने के लिए करना शुरू कर दिया। खासकर महिलाओं और नाबालिगों की तस्वीरों को AI के जरिए “undress” करने जैसी घटनाएं सामने आईं, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी।

Apple और Google पर बढ़ा दबाव

इस मामले के बाद अमेरिकी सांसदों ने Apple और Google पर दबाव बनाया कि वे Grok और X ऐप को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दें। उनका कहना था कि ऐसे ऐप्स बच्चों के शोषण और अश्लील कंटेंट को बढ़ावा दे सकते हैं, जो प्लेटफॉर्म की नीतियों के खिलाफ है।

App Store ने क्यों किया ऐप रिजेक्ट?

रिपोर्ट के अनुसार, जब X ने Grok ऐप का अपडेट Apple को भेजा, तो उसे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया कि बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। बाद में X ने फिर से अपडेट सबमिट किया, जिसमें कुछ सुधार किए गए थे। Apple ने बताया कि पहले Grok ऐप नियमों के अनुरूप नहीं था, लेकिन अतिरिक्त बदलावों के बाद उसे मंजूरी दे दी गई।

भारत समेत कई देशों में हुआ विरोध

इस विवाद का असर भारत में भी देखने को मिला। सरकार ने सख्त नोटिस जारी किया, जिसके बाद X को 3,500 से ज्यादा कंटेंट हटाने और 600 अकाउंट ब्लॉक करने पड़े। भारत के अलावा ब्रिटेन, मलेशिया और इंडोनेशिया में भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

xAI ने किए बदलाव, लेकिन खतरा बरकरार

विवाद बढ़ने के बाद xAI ने Grok के AI इमेज जनरेशन फीचर को सीमित कर दिया और इसे केवल पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया। Elon Musk ने चेतावनी दी कि अवैध कंटेंट बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके बावजूद, हालिया रिपोर्ट्स में अब भी ऐसे कई डीपफेक कंटेंट सामने आ रहे हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article