स्पोर्ट्स

विश्व जूनियर स्क्वॉश चैंपियन अनाहत सिंह ने भरी हुंकार, एशियन गेम्स में मेडल का रंग बदलने में नहीं छोड़ेंगी कोई कसर

Anahat Singh on Asian Games 2026: तेजी से उभरती हुई भारत की युवा स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने हुंकार भरी है और कहा है कि वो अब तक जीते अपने पदकों से इतर एशियन गेम्स 2026 में इन मेडल्स का रंग बदलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Image

अनाहत सिंह (Instagram/Anahatsingh13)

Asian Games 2026: विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियन अनाहत सिंह अगले महीने जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में पिछली बार जीते पदकों का रंग बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। भारत की 18 वर्षीय अनाहत ने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में मिश्रित युगल और टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। मिश्रित युगल में उन्होंने अभय सिंह के साथ जोड़ी बनाई थी जबकि टीम स्पर्धा में उनके साथ जोशना चिनप्पा, दीपिका पल्लिकल और तन्वी खन्ना थीं।

सोमवार को यहां एक सम्मान समारोह से इतर पीटीआई से बातचीत में अनाहत ने कहा, "मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती हूं। एशियाई खेलों तक मेरे पास जो एक महीना बचा है उसमें कड़ी ट्रेनिंग करूंगी और हरसंभव प्रयास करूंगी। उम्मीद है कि पदक का रंग बदलने और पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहूंगी।"

उन्होंने कहा कि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाने का उनके पास अधिक समय नहीं है क्योंकि 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी करनी है। अनाहत ने कहा, ठटूर्नामेंट खत्म हुए लगभग दो सप्ताह हो गए हैं इसलिए अब इसका अहसास थोड़ा होने लगा है। लेकिन अब मुझे एशियाई खेलों पर ध्यान देना है और उससे पहले कुछ टूर्नामेंट भी हैं। इसलिए मैं पिछली प्रतियोगिता को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रही हूं।ठ

उन्होंने कहा, ठबेशक उससे मिली सीख को अपने साथ लेकर चलूंगी लेकिन अब आने वाली प्रतियोगिताओं पर ध्यान देना है और उनमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देना है।"

इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि विश्व जूनियर खिताब जीतने के बाद उनकी जिंदगी में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो ज्यादा नहीं। असल में बहुत कुछ नहीं बदला है। मुझे अब भी वही प्रतियोगिताएं खेलनी हैं। यह बस एक छोटी सी उपलब्धि है। मुझे अभी बहुत कुछ हासिल करना है और बहुत खेलना है।"

अनाहत ने कहा, "मैं केवल 18 साल की हूं और मेरे सामने अभी स्क्वाश में खेलने के लिए काफी लंबा समय है। यह उपलब्धि मेरे साथ रहेगी और अगले कुछ महीनों में मुझे थोड़ा अधिक आत्मविश्वास देगी कि मैं यह खिताब जीत चुकी हूं।"

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article