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लोकसभा में पेश हुआ राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, पाकिस्तान के मद्देनजर किया ये विशेष प्रावधान

लोकसभा में बुधवार को पेश किए गए राष्ट्रय खेल प्रशासन विधेयक में असाधारण परिस्थितियों में भारतीय टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर रोक लगाने का प्रावधान सरकार ने पाकिस्तान के संबंधों के मद्देनजर किया है। जानिए क्या कहता है विधेयक?

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मनसुख मांडवीय (फोटो क्रेडिट ANI)

नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को पेश किए गए राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के अनुसार, केंद्र सरकार को 'असाधारण परिस्थितियों' में भारतीय टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर 'उचित रोक लगाने' का अधिकार होगा। खेल विधेयक में 'राष्ट्रीय हित में निर्देश जारी करने और रोक लगाने की शक्ति' संबंधी धारा भी शामिल की गई है जो भारतीय टीमों और खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी को स्पष्ट करता है। खिलाड़ियों की भागीदारी का मामला अक्सर पाकिस्तान के संबंध में सामने आता है।

विशेष परिस्थितियों में लगा सकेगी भागीदारी पर रोक

विधेयक में कहा गया है,'केंद्र सरकार, असाधारण परिस्थितियों में और राष्ट्रीय हित में, एक आदेश के द्वारा, संबंधित खेल की किसी राष्ट्रीय टीम की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी या राष्ट्रीय खेलों की गतिविधियों में किसी व्यक्ति की भागीदारी पर उचित रोक लगा सकती है।' यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित होने और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही अधिनियम बनेगा।

पाकिस्तान को लेकर सरकार की नीति अबतक रही है स्पष्ट

किसी भारतीय टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति देने का प्रश्न अधिकतर तब उठता है जब उसमें पाकिस्तान शामिल हो। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने को लेकर सरकार की नीति पिछले कुछ वर्षों से बेहद स्पष्ट रही है। अगर कोई ऐसी प्रतियोगिता हो जिसमें कई देश भाग ले रहे हों तो उसमें भागीदारी पर कोई रोक नहीं है लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय आयोजनों का तो 'सवाल ही नहीं उठता।'

मुंबई आतंकी हमले के बाद बिगड़े खेल संबंध

मुंबई में 2008 में आतंकी हमले के बाद यही स्थिति बनी हुई है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 150 से ज़्यादा लोगों को मार डाला था। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया,'यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि इस तरह के फैसले करने में सरकार का पूरा नियंत्रण हो। जब भी राष्ट्रीय हित शामिल होता है, तो सरकार को ही तमाम सवालों के जवाब देने पड़ते हैं इसलिए अंतिम फैसला करने का अधिकार उसके पास होना उचित है।'

पहलगाम आतंकी हमले के बाद रिश्तों में फिर आई खटास

इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और खटास पैदा हो गई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हुआ था, जो पाकिस्तान के युद्ध विराम के अनुरोध पर समाप्त हुआ था। पहलगाम हमले के बाद भी दोनों देश बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) का सदस्य है जिसका चार्टर राजनीति के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है।

ओलंपिक चार्टर का भारत करेगा पालन

भारत ने अगले महीने होने वाले हॉकी एशिया कप और इस वर्ष के अंत में होने वाले जूनियर निशानेबाजी विश्व कप के लिए पाकिस्तान के देश में प्रवेश का रास्ता भी साफ कर दिया है, ताकि ओलंपिक चार्टर का अनुपालन किया जा सके। बड़ी प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अधिकार प्राप्त करने के लिए चार्टर का पालन करना अनिवार्य होता है और भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में शामिल है।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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