Jaspal Rana Mother Death: भारतीय खेल जगत के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के असामयिक निधन के महज कुछ दिनों बाद ही उनकी मां श्यामा देवी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। रविवार को कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। जसपाल राणा का 12 जून को 49 साल की उम्र में हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया था। उनकी सर्जरी भी हुई थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बेटे के जाने का गम मां श्यामा देवी सह नहीं पाईं। बेटे के निधन के कुछ दिन बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रविवार को उनका निधन हो गया। विडंबना यह है कि रविवार को ही जसपाल राणा का 50वां जन्मदिन था।
राणा के 50वें जन्मदिन के दिन ही हुआ मां का निधन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्यामा देवी के निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नारायण सिंह राणा की पत्नी और पद्म श्री जसपाल राणा की पूज्य माताजी के निधन का दुखद समाचार मिला। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।यह दोहरा आघात जसपाल के पिता और पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा के लिए असहनीय है। वह अभी बेटे के जाने के गम से उबरे भी नहीं थे कि पत्नी का साथ भी छूट गया। जसपाल के परिवार में पत्नी रीना राणा, बेटी देवांशी, बेटा युवराज, बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा हैं।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जताया शोक
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे बड़े नामों में से एक थे। खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में देश के लिए कई पदक जीते। कोच के रूप में भी वह उतने ही सफल रहे। पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर के दो ऐतिहासिक कांस्य पदक के पीछे जसपाल की कोचिंग का बड़ा हाथ था। निधन के समय वह भारतीय पिस्टल टीम के 'हाई परफॉर्मेंस कोच' थे। जर्मनी में ISSF वर्ल्ड कप से लौटते वक्त फ्लाइट में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्टेंट डाला गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जसपाल और उनकी मां का यूं चले जाना भारतीय खेलों के लिए कभी न भरने वाली क्षति है।
