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'ट्रॉफी चोर' मोहसिन नकवी पीछा नहीं छोड़ रहा, अब महिला एशिया कप में हो सकता है हंगामा, फिर सामने आ सकती है BCCI से जुड़ी मुश्किल

Mohsin Naqvi, Women's Asia Cup 2026: पिछली बार पुरुषों के एशिया कप में भारत के जीतने के बाद जो कुछ हुआ था उसे कोई नहीं भूला होगा। चैंपियन टीम इंडिया को एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख व पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री पद पर काबिज मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी मंच से गायब कर दी, जो आज तक भारत को नहीं दी गई। अब फिर से वैसी ही कहानी लिखी जा सकती है जब जल्द ही महिला एशिया कप 2026 का आगाज होगा। ऐसे में बीसीसीआई और पाकिस्तान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के आसार हैं।

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अब महिला एशिया कप पर 'ट्रॉफी चोर' मोहसिन नकवी का साया (AP/X)

एशिया कप और मोहसिन नकवी ट्रॉफी विवाद एक बार फिर सामने आता नजर आ रहा है। दरअसल, दुबई में अगले सप्ताह से शुरू होने वाले महिला एशिया कप में अगर भारत फाइनल तक पहुंचता है तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर अजीब स्थिति में फंस सकता है क्योंकि पाकिस्तान के मोहसिन नकवी एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के प्रमुख होने के नाते फिर से मंच पर आकर यह सम्मान प्रदान कर सकते हैं। पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य टकराव के कारण भारतीय पुरुष टीम ने नक़वी से एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नक़वी ट्रॉफी लेकर चले गए, जो अभी तक विजेता टीम को नहीं सौंपी गई है।

मोहसिन नक़वी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख और अपने देश के गृह मंत्री भी हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर तक खेला जाएगा। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है और लीग चरण का उनका मुकाबला पांच सितंबर को होना है। इसके बाद इन दोनों टीम का मुकाबला फाइनल में हो सकता है और ऐसे में पुरस्कार वितरण का मसला फिर से सुर्खियों में आ सकता है।

अब स्वाभाविक सवाल यह उठता है कि अगर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम महिला एशिया कप जीत जाती है और नक़वी पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मंच पर मौजूद होते हैं तो फिर आगे क्या होगा? क्या भारतीय महिला टीम भी सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों की तरह नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर देगी? इस मामले में बीसीसीआई का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।

बोर्ड का यह स्पष्ट मत है कि दोनों टीमों के बीच किसी प्रकार की औपचारिक बातचीत नहीं होगी, लेकिन वह पुरस्कार वितरण समारोह के लिए इंतजार करने की नीति अपनाएगा। पिछले साल की तरह विवाद से बचने का एक तरीका यह हो सकता है कि नकवी स्वयं ट्रॉफी प्रदान नहीं करें और एशियाई क्रिकेट परिषद के किसी अन्य अधिकारी को यह सम्मान प्रदान करने दें। भारतीय पुरुष टीम के नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद इसे एसीसी के कार्यालय में रखा गया है। नकवी ने बाद में कहा था कि भारत एसीसी कार्यालय में आकर उनसे ट्रॉफी ले सकता है।

इस गतिरोध को समाप्त करने का भी प्रयास किया गया जिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईसीसी की बैठक के दौरान नकवी से मुलाकात की। सैकिया ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है लेकिन उस समय भी ट्रॉफी का मुद्दा नहीं सुलझ पाया था। इसके बाद नक़वी ने कहा कि भारत को उनसे ही ट्रॉफी लेनी होगी। फिलहाल सभी का ध्यान टूर्नामेंट पर केंद्रित है लेकिन अगर भारत चैंपियन बनता है तो यह मामला फिर से गर्मा सकता है।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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