IND A vs SL A Final: भारत ’ए’ के कप्तान तिलक वर्मा ने स्वीकार किया कि यहां चल रहे त्रिकोणीय टूर्नामेंट ने उन्हें दबाव वाली स्थितियों को संभालने के बारे में अहम सबक सिखाए हैं जो रविवार को यहां श्रीलंका ’ए’ के खिलाफ होने वाले फाइनल में काम आएंगे। इस टूर्नामेंट में दो बार तिलक को मेजबान टीम के खिलाफ आखिरी पलों में अहम रणनीतिक फैसले लेने पड़े। एक बार डेथ ओवरों में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान पर भरोसा करने के उनके फैसले ने भारत को जीत दिलाने में मदद की जबकि श्रीलंका जीत की ओर बढ़ रहा था।
दूसरे मामले में तनावपूर्ण मुकाबले के दौरान अरशद को फिर से आखिरी ओवरों में श्रीलंका की बढ़त को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन भारत सुपर ओवर में हार गया। श्रीलंका ’ए’ के खिलाफ फाइनल की पूर्व संध्या पर तिलक ने कहा, ’’एक कप्तान के तौर पर टूर्नामेंट में बहुत कुछ सीखने को मिलता है, खासकर दबाव वाली स्थितियों को संभालने में। अगर आप देखें तो कुछ मैच बहुत करीबी रहे हैं और कुछ मैचों में मौसम ने बीच में खलल डाला है और डकवर्थ लुईस पद्धति लागू हुई। ’’
मुंबई इंडियंस के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, ’’लेकिन साथ ही, जब टीम को सबसे अच्छे प्रदर्शन की जरूरत होती है तो हम अपना संयम बनाए रखते हैं और अच्छा खेलते हैं। ’’ फाइनल मुकाबले के महत्व के बावजूद तिलक ने जोर देकर कहा कि उनकी टीम अपने खेलने के तरीके में कोई बदलाव नहीं करेगी।
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कप्तान ने कहा, ’’कल एक बड़ा मैच है और साथ ही हमारे लिए कुछ भी नहीं बदलेगा। टूर्नामेंट के पहले दिन से हमने जो किया है, वही कल भी करेंगे। हमें बस अपनी बुनियादी बातों पर ध्यान देना है, सही मानसिकता रखनी है और हम कल अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। ’’ टूर्नामेंट का आकलन करते हुए तिलक ने कहा, ’’निश्चित रूप से अगर आपने देखा हो, तो हर टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है। श्रीलंका और अफगानिस्तान, सभी ने इस टूर्नामेंट में समान रूप से अच्छा खेला है। ’’
