कोलंबो: श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से टेस्ट कप्तान का पद छोड़ दिया जिसके बाद कुसल मेंडिस को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। अगले महीने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट की श्रृंखला कप्तान के रूप में मेंडिस की पहली श्रृंखला होगी। मेंडिस पहले ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की अगुआई कर रहे हैं। श्रीलंका के लिए 31 वर्षीय मेंडिस ने 75 टेस्ट सहित कुल 343 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।
कुसल मेंडिस (फोटो क्रेडिट AI Generated/News Room Verified)
आ गया है नई पीढ़ी के हाथ में बागडोर सौंपेने का वक्त
डिसिल्वा ने पद छोड़ते हुए कहा था कि अब अगली पीढ़ी को बागडोर सौंपने का समय आ गया है। अपने करियर में 69 टेस्ट खेलकर 13 शतक समेत 4400 से अधिक रन बनाने वाले 35 वर्ष के धनंजय बतौर खिलाड़ी चयन के लिये उपलब्ध रहेंगे। जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान बने डिसिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
उन्होंने चयन समिति को लिखे पत्र में कहा, 'मेरा मानना है कि अब बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपी जानी चाहिये।' श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डिसिल्वा ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप में योगदान के लिये धनंजय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,'श्रीलंका क्रिकेट उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देता है और बतौर कप्तान योगदान के लिये धन्यवाद भी।'
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ऐसा रहा धनंजय डिसिल्वा का कप्तानी रिकॉर्ड
धनंजय डिसिल्वा के नेतृत्व में श्रीलंका क्रिकेट टीम ने 18 टेस्ट मैच खेले जिसमें से 7 में उसे जीत मिली और 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जबकि 3 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। डिसिल्वा की कप्तानी में श्रीलंका का जीत प्रतिशत 38.88 का रहा। उनकी कप्तानी में श्रीलंका की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही।
(भाषा)
