मुंबई: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) ने मंगलवार को भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप के 13वें संस्करण के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया। 5 अक्टूबर से 19 नवंबर के बीच टूर्नामेंट के 48 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का आगाज पिछले बार की विजेता इंग्लैंड और उपविजेता न्यूजीलैंड के बीच 5 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भिड़ंत के साथ होगा। टूर्नामेंट का फाइनल भी इसी मैदान पर 19 नवंबर को खेला जाएगा।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम (साभार PCB)
बाबर आजम की कप्तानी वाली पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए भारत आने पर अभी संशय बरकरार है। पीसीबी ने कार्यक्रम के आधिकारिक तौर पर जारी होने के बाद दिए बयान में कहा है कि वो पाकिस्तान सरकार द्वारा अनुमति मिलने के बाद ही विश्व कप में भाग लेने आ सकेगी। हालांकि आईसीसी को भरोसा है कि पाकिस्तान भारत दौरा जरूर करेगा।
आईसीसी ने खारिज की वेन्यू में बदलाव की मांग
पाकिस्तानी टीम की वेन्यू में बदलाव की मांग को आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया है। इससे पहले जारी ड्रॉफ्ट शेड्यूल में जो वेन्यू दिए गए थे उन्हीं स्थानों पर पाकिस्तानी टीम मैच खेलेगी। आईसीसी ने पाकिस्तानी टीम की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने मुकाबले को चेन्नई से बेंगलुरू और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को बेंगलुरू से चेन्नई ट्रांसफर करने को कहा था। पाकिस्तानी टीम राजनीतिक कारणों से मुंबई में खेलने में असहज महसूस करती है। बावजूद इसके सेमीफाइनल के वेन्यू को कोलकाता और मुंबई बरकरार रखा गया। आईसीसी द्वारा पाकिस्तान के अनुरोध पर विचार नहीं करना पहले से अपेक्षित था क्योंकि यह संभावित सुरक्षा खतरे के मद्गेनजर ही आयोजन स्थल में बदलाव के अनुरोध पर विचार किया जाता है।
कमजोर टीमों के खिलाफ करेगी भारत से मुकाबले की तैयारी
पाकिस्तानी टीम के विश्व कप में भाग लेने के लिए भारत आए या नहीं लेकिन उसके लिए पहले से ही चक्रव्यूह रच दिया गया है। पाकिस्तानी टीम अपने अभियान की शुरुआत 6 अक्टूबर को हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर के विजेता के खिलाफ करेगी। वहीं उसका दूसरी मुकाबला 12 अक्टूबर को इसी मैदान पर क्वालीफायर के उपविजेता से होगा। इसके तीन दिन बाद उसे भारत के खिलाफ 15 अक्टूबर को अहमदाबाद में महामुकाबले में उतरना होगा। भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले उसे कमजोर टीमों के खिलाफ अभ्यास का मौका मिलेगा। वहीं दो दिन बाद ही भारत के खिलाफ अहम मुकाबले में उतरना पड़ेगा। जिसका असर उसके खेल पर पड़ सकता है।
बेंगलुरू में रहेगा कंगारुओं को पलड़ा भारी
पाकिस्तान की टीम को भारत के खिलाफ मुकाबले के बाद बेंगलुरू में ऑस्ट्रेलिया से 20 अक्टूबर को भिड़ना है। बेंगलुरू का मैदान छोटा है जहां गेंदबाजों के बल्लेबाजों पर भारी रहने की संभावना कम रहती है। ऐसे में पाकिस्तानी टीम यहां कंगारुओं से नहीं भिड़ना चाह रही थी। वो इस मुकाबले को चेन्नई में खेलना चाहती थी। जहां अपने स्पिन आक्रमण के बल पर वो ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव डाल पाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अफगानी स्पिनर्स से चेन्नई में पार पाने की होगी चुनौती
इसके बाद पाकिस्तान को अफगानिस्तान से चेन्नई में 23 अक्टूबर को भिड़ना है। पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ स्पिन फ्रेंडली विकेट पर अफगानी स्पिनर्स का सामना करना पड़ेगा। जो उसके लिए भारी पड़ सकता है। अफगानिस्तानी टीम की ताकत स्पिन गेंदबाजी है। जो अगर चल निकली तो पाकिस्तान की खैर नहीं।
अंतिम दौर में होगा बड़ी टीमों से सामना
पाकिस्तान का अंतिम दौर में बड़ी टीमों से सामना होगा। जिसमें दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमें शामिल हैं। इन सभी टीमों से पाकिस्तान को कड़ी चुनौती मिलेगी। 12 नवंबर को उसका आखिरी लीग मुकाबला इंग्लैंड से कोलकाता में होगा। इससे पहले 31 अक्टूबर को ही वो कोलकाता में बांग्लादेश से और 4 नवंबर को न्यूजीलैंड से बेंगलुरू में भिड़ेगी।
बाबर की सेना को चक्रव्यूह तोड़ना ही होगा
इन्हीं वजहों से पाकिस्तान अपने दो अहम मैचों के वेन्यू में बदलाव करवाना चाहता था जिससे कि वो अपने मजबूत पहलुओं के बल पर ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल कर सके। लेकिन उसे समीकरणों के चक्रव्यूह में फंसाकर राह मुश्किल बनाने की कोशिश की गई है। अगर बाबर की सेना इस चक्रव्यूह को तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रही तो उसे नॉकआउट में पहुंचने और खिताब पर दावा पेश करने से कोई नहीं रोक सकता।
