पाकिस्‍तान जेवलिन थ्रोअर को लेकर हुए बवाल पर नीरज चोपड़ा ने तोड़ी चुप्‍पी, कहा- इसे गंदा एजेंडा मत बनाओ

स्पोर्ट्स
भाषा
Updated Aug 26, 2021 | 20:58 IST

Neeraj Chopra says don't make it an issue: नीरज चोपड़ा ने बताया था कि उनके भाले का उपयोग पाकिस्‍तानी जेवलिन थ्रोअर ने किया था। इसके बाद हुए बवाल पर अब चोपड़ा ने देशवासियों से आग्रह किया है।

neeraj chopra
नीरज चोपड़ा 
मुख्य बातें
  • नीरज चोपड़ा ने पाकिस्‍तान के जेवलिन थ्रोअर पर हुए विवाद को लेकर चुप्‍पी तोड़ी
  • नीरज ने कहा कि किसी को उनके नाम का इस्‍तेमाल किसी विवाद को खड़ा करने के लिए नहीं करना चाहिए
  • नीरज चोपड़ा ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर वीडियो शेयर करके देशवासियों से अपील की

नई दिल्ली: ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने गुरूवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक के दौरान पाकिस्तान के अरशद नदीम के उनके भाले के इस्तेमाल को लेकर की गयी उनकी टिप्पणी से हुए विवाद से वह दुखी हैं और इसे 'गंदे एजेंडा को आगे बढ़ाने का माध्यम नहीं बनाने' की विनती की। भारत को एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक पदक (टोक्यो में गोल्‍ड मेडल) दिलाने वाले सेना के 23 साल के भाला फेंक खिलाड़ी ने कहा कि किसी को उनके नाम का इस्तेमाल किसी विवाद को खड़ा करने में नहीं करना चाहिए।

ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्‍ड मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय चोपड़ा ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया, 'मेरी आप सभी से विनती है कि मेरी टिप्पणियों को अपने गंदे एजेंडा को आगे बढ़ाने का माध्यम नहीं बनाए। खेल हम सबको एकजुट होकर साथ रहना सिखाता है और कुछ भी टिप्पणी करने से पहले खेल के नियम जानना जरूरी होता है। मेरी हालिया टिप्पणी पर लोगों की कुछ प्रतिक्रियाएं देखकर बहुत निराश हूं।'

उन्होंने ट्विटर पर साझा किये हुए वीडियो में कहा, 'अरशद नदीम ने तैयारी के लिये मेरा भाला लिया था, इसमें कुछ भी गलत नहीं है, यह नियमों के अंदर ही है और कृपया मेरे नाम का इस्तेमाल इस गंदे एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिये नहीं करें।' चोपड़ा ने हाल में साक्षात्कार में कहा था कि वह सात अगस्त को ओलंपिक फाइनल से पूर्व अपने पहले थ्रो के लिये अपना निजी भाला ढूंढ रहे थे और उन्होंने देखा कि यह नदीम के पास था।

किसी प्रतिभागी का भाला इस्‍तेमाल करने का नियम है

नियमों के अनुसार किसी प्रतिस्पर्धी द्वारा अधिकारियों को सौंपा गया भाला कोई भी अन्य प्रतिभागी इस्तेमाल कर सकता है। यह नियम ‘पोल वॉल्ट’ को छोड़कर सभी फील्ड स्पर्धाओं में लागू होता है। चोपड़ा ने फाइनल में नोर्डिक ब्रांड का वालहाला भाले का इस्तेमाल किया था और उन्होंने स्पष्ट किया कि नदीम ने ऐसा करके कुछ भी गलत नहीं किया जो पांचवें स्थान पर रहे थे।

उन्होंने कहा, 'एक मुद्दा (विवाद) उठ रहा है कि मैंने एक साक्षात्कार में कहा कि फाइनल (सात अगस्त को) में पहला थ्रो करने से पहले मैंने पाकिस्तानी प्रतिभागी अरशद नदीम से भाला लिया। उसका काफी बड़ा मुद्दा बन रहा है। यह बहुत सरल बात है, हम अपने निजी भाले भी उसमें (भाला रखने के लिये रैक) रखते हैं पर उसको सभी थ्रोअर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, यह नियम है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वह (नदीम) भाला लेकर अपने थ्रो की तैयारी कर रहा था। मैंने अपने थ्रो के लिये उससे भाला मांगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'यह इतनी बड़ी बात नहीं है। मुझे बहुत दुख है कि मेरा सहारा लेकर इस बात को बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। आप सभी से विनती है कि ऐसा नहीं करें। खेल सभी को मिलकर चलना सिखाता है। हम सभी भाला फेंक थ्रोअर आपस में प्यार से रहते हैं, सभी आपस में अच्छे से बात करते हैं तो कोई भी ऐसी बात नहीं कहें जिससे उन्हें ठेस पहुंचे।'

कोच का मिला समर्थन

एक पूर्व कोच ने भी चोपड़ा के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'कोई विवाद नहीं है। ऐसा नहीं है कि आप अपना निजी भाला लेकर आये हो तो कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता। जब आपने इसे जमा कर दिया तो अन्य भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। 'होल्डिंग रैक' में जो भी भाले होते हैं, कोई भी प्रतिभागी इनका इस्तेमाल कर सकता है।'

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