तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड से चूका भारत, दो सिल्वर मेडल पर जमाया कब्जा

स्पोर्ट्स
भाषा
Updated Sep 25, 2021 | 13:32 IST

World Archery Championships 2021: भारत तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया है, लेकिन उसने सबसे अधिक 10 बार पोडियम पर जगह बनाई है।

World Archery Championships
भारतीय की टीम को कोलंबिया के खिलाफ मिली शिकस्त। @worldarchery  |  तस्वीर साभार: Twitter

मुख्य बातें

  • तीरंदाजी चैंपियनशिप में गोल्ड से चूका भारत
  • भारत ने दो सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया
  • भारत को एकतरफा मुकाबलों में हार मिली

India in 2021 World Archery Championships: यांकटन (अमेरिका): भारत की महिला और मिश्रित युगल कंपाउंड तीरंदाजी टीम को कोलंबिया के खिलाफ एकतरफा मुकाबलों में शिकस्त के साथ यहां विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत विश्व चैंपियनशिप में अपने पहले स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश कर रहा था। भारत अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया है लेकिन उसने सबसे अधिक 10 बार पोडियम पर जगह बनाई है। इस दौरान भारत ने आठ बार फाइनल में चुनौती पेश की और उसे हर बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारत ने बढ़त के साथ शुरुआत की थी

रैंकिंग दौर में चौथे स्थान पर रही अभिषेक वर्मा और ज्योति सुरेखा वेनाम की भारत की स्टार मिश्रित युगल जोड़ी ने एक अंक की बढ़त के साथ शुरुआत की लेकिन इसके बाद कोलंबिया का दबदबा देखने को मिला। भारतीय जोड़ी को अंतत: 150-154 से शिकस्त झेलनी पड़ी। ज्योति, मुस्कान किरार और प्रिया गुर्जर की सातवीं वरीय महिला टीम को सारा लोपेज, एलेजांद्रा उसक्वियानो और नोरा वाल्डेज की तिकड़ी के खिलाफ 224-229 से हार का सामना करना पड़ा। रैंकिंग दौर में शीर्ष पर रही कोलंबियाई टीम ने 15 बार 10 अंक पर निशाना साधा और इस दौरान उनके पांच निशाने बिलकुल बीच में लगे।

पहले दौर के बाद दोनों टीमें बराबर थीं

पहले दौर के बाद दोनों टीमें 58-58 से बराबर पर थीं। भारतीय महिला टीम ने इसके बाद बढ़त बनाने का मौका गंवाया और विरोधी टीम एक अंक से आगे हो गई। कोलंबियाई टीम ने इसके बाद भारतीय टीम को कोई मौका नहीं दिया और आखिरी 12 में से आठ तीर 10 अंक पर मारकर तीसरी बार महिला खिताब जीता। यह 2017 के बाद टीम का पहला खिताब है। मिश्रित युगल में भारत के लिए दूसरा दौर खराब रहा जहां उन्होंने दो बार नौ और एक बार अंठ अंक के साथ एक अंक की बढ़त गंवाई और अंतत: चार अंक के अंतर से मुकाबला हार गई। रैंकिंग दौर में दूसरे स्थान पर रही डेनियल मुनोज और सारा ने पहले दौर के बाद वापसी की और तीसरे दौर में 40 में से 40 अंक जुटाकर पहली बार मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता।

कोलंबिया के स्वर्ण की संख्या 4 तक पहुंची

कुल मिलाकर कोलंबियाई जोड़ी ने 16 में से 10 तीर पर 10 अंक जुटाए जबकि भारतीय खिलाड़ी आठ बार ही 10 अंक जुटा पाए। कोलंबिया ने कंपाउंड तीरंदाजी में अपना दबदबा बरकरार रखा और विश्व चैंपियनशिप में अपने स्वर्ण पदकों की संख्या को चार तक पहुंचाया। भारत व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में भी तीन पदक की दौड़ में बना हुआ है। वर्मा और ज्योति को शनिवार को अपने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेलने हैं। रिकर्व वर्ग में अंकिता भकत एकमात्र तीरंदाज बची हैं। वह रविवार को अंतिम आठ मुकाबले में उतरेंगी।

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