Tokyo Olympics: ओलंपिक में भारत ने रचा इतिहास, जर्मनी को 5-4 से हराकर 41 साल बाद हॉकी में जीता 'पदक'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 5, 2021, 09:13 AM IST

India vs Germany mens hockey match Update: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी के खिलाफ कांस्य पदक मुकाबले में शानदार जीत हासिल की है और जर्मनी को 5-4 से रौंद दिया है।

India vs Germany Mens Hockey Match Latest News : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी के खिलाफ कांस्य पदक मुकाबले में 5-4 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने जर्मनी को हराकर ओलंपिक खेलों में 41 साल बाद उसे कोई मेडल हासिल किया है।आखिरी के छह सेकंड में जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन श्रीजेश ने न सिर्फ उसे बचाया बल्कि भारत की जीत भी तय कर दी और इस तरीके से इंडिया ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला 5-4 से अपने नाम किया है।

गौर हो कि भारतीय टीम 1980 में मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद भारत को इस खेल से कोई ओलंपिक पदक नहीं मिला था, हॉकी में ओलंपिक कांस्य पदक की बात करें तो इंडिया ने अब तक सिर्फ दो बार ही ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम आज इतिहास रचने उतरी थी 1980 के बाद से हर ओलिंपिक से खाली हाथ लौटने वाली इस टीम के पास पदक का इंतजार खत्म करने का आज बड़ा मौका था जिसे भारत ने भुनाने में कोई चूक नहीं की। 

इससे पहले भारत ने इस मैच में जर्मनी को कड़ी टक्कर दी और फिलहाल भारत 5-3 से बढ़त बना चुका है इससे पहले भारत की ओर से हार्दिक सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 3-3 की बराबरी दिला दी है।

दूसरे क्वॉर्टर में गोल की बरसात देखने को मिली। जर्मनी ने दो जबकि भारत ने भी दो गोल दागे। भारत की ओर से हार्दिक सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 3-3 की बराबरी दिला दी।

भारत और जर्मनी के बीच ब्रॉन्ज मेडल मैच का पहला क्वॉर्टर खत्म हो गया है। जर्मनी की टीम शुरुआती 15 मिनट के खेल के बाद 1-0 से आगे है। भारत ने पिछले कुछ मिनट में वापसी की कोशिश की लेकिन से सफलता हासिल नहीं हुई।मैच के शुरू होने के दो मिनट बाद ही जर्मनी ने गोल कर भारत पर 1-0 की बढ़त बना ली है। जर्मनी की टीम भारत पर हावी होने की कोशिश कर रही है वहीं भारत को पांचवें मिनट में मिला पेनाल्टी कॉर्नर लेकिन हरमनप्रीत सिंह मौके को नहीं भुना सके।

भारत ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी के खिलाफ अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किए हैं यानी जिन खिलाड़ियों के साथ भारतीय टीम बेल्जियम के खिलाफ उतरी थीं वही टीम जर्मनी के खिलाफ भी खेल रहे हैं।

इससे पहले चार दशक बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सपना दुनिया की नंबर एक टीम बेल्जियम ने तोड़ दिया था।

End of Article