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Tulsi Vivah Ke Geet in Hindi: तुलसी विवाह गीत लिरिक्स, तुलसी विवाह बधाई गीत, तुलसी विवाह सोहर गीत हिंदी में

Tulsi Vivah Ke Geet in Hindi (तुलसी विवाह गीत, भजन और आरती) Tulsi Vivah Ke Geet (Bhajan): आज तुलसी विवाह के मौके पर कुछ खास गीत गाए जाते हैं। यहां से आप तुलसी विवाह के गीत के लिरिक्स देख सकते हैं। यहां एक, दो नहीं बल्कि चार-चार गाने मौजूद हैं।

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तुलसी विवाह गीत (pic credit: canva)

Tulsi Vivah Ke Geet in Hindi (तुलसी विवाह भजन लिरिक्स): तुलसी विवाह के दौरान कुछ पारंपरिक गीत गाए जाते हैं। ये गीत घरों में शुद्धता, आनंद और भक्ति का वातावरण बनाते हैं। तुलसी माता को लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और भगवान विष्णु धन और धर्म के पालनकर्ता हैं, इसलिए उनके विवाह के गीत गाने से घर में सौभाग्य, समृद्धि और शांति आती है। ऐसा माना जाता है कि तुलसी विवाह गीत गाने या सुनने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और स्थिरता बनी रहती है। यहां से आप तुलसी विवाह के गीत देख सकते हैं।

तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना ( Tulsi Maiya Sada Kripa Banaye Rakhna Tulsi Vivah Geet Lyrics)-

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

इस अंगना को सदा मेह्काये रखना,

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

विष्णु प्रिया भगतन की प्यारी,

तीन लोक तेरी छठा निराली,

छत्र छाया ये अपनी बनाये रखना,

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

दुःख संकट न कोई सताए,

विपता ना कोई हम को डराए,

अपने आँचल में हम को छुपाये रखना

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

सरल स्भाब आप अति भावे,

वास आप का सुख पोह्चावे,

प्रेम किरपा सदा ये बरसाए रखना

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

शाली ग्राम संग सदा तुम्हारे,

सब भगतन के काज सवारे,

प्रीत भगतो से सदा ही निभाये रखना

हे तुलसी मैया सदा कृपा बनाये रखना

मेरी प्यारी तुलसा जी बनेंगी दुल्हनियां- (Meri Pyari Tulsa Ji Bnegi Dulhaniya)-

मेरी प्यारी तुलसा जी बनेंगी दुल्हनियां...

सजके आयेंगे दूल्हे राजा।

देखो देवता बजायेंगे बाजा...

सोलह सिंगार मेरी तुलसा करेंगी।

हल्दी चढ़ेगी मांग भरेगी...

देखो होठों पे झूलेगी नथनियां।

देखो देवता...

देवियां भी आई और देवता भी आए।

साधु भी आए और संत भी आए...

और आई है संग में बरातिया।

देखो देवता...

गोरे-गोरे हाथों में मेहंदी लगेगी...

चूड़ी खनकेगी ,वरमाला सजेगी।

प्रभु के गले में डालेंगी वरमाला।

देखो देवता...

लाल-लाल चुनरी में तुलसी सजेगी...

आगे-आगे प्रभु जी पीछे तुलसा चलेगी।

देखो पैरो में बजेगी पायलियां।

देखो देवता...

सज धज के मेरी तुलसा खड़ी है...

डोली मंगवा दो बड़ी शुभ घड़ी है।

देखो आंखों से बहेगी जलधारा।

देखो देवता...

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों तुलसी विवाह भजन लिरिक्स (Mere Angne Men)-

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

आज तुलसी का सोलह सृंगार सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

तुलसी के ब्याह में गणपत जी आये

गणपत जी आये संग में रिद्धि सिद्धि लाये

रिद्धि सिद्धि बरसाये सुहाग सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

तुलसी के ब्याह में भोले जी आये

भोले जी आये संग में गौरा को लाये

गौरा रानी बरसाये सुहाग सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

तुलसी के ब्याह में विष्णु जी आये

विष्णु जी आये संग में लक्ष्मी जी को लाये

लक्ष्मी जी बरसाये सुहाग सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

तुलसी के ब्याह में रामा जी आये

रामा जी आये संग में सीता जी को लाये

सीताजी बरसाये सुहाग सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों

पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों

तुलसा तेरी डाली पर श्याम बसते (Tulsa Teri Daali Par- Tulsi Teri Dali Par Shyam Baste)-

तुलसा तेरी डाली पर श्याम बसते

श्याम बस तेरी घनश्याम बसते

तुलसा तेरी डाली पर शाम बसते

एक तरफ सीता एक तरफ लक्ष्मण

बीच में राम भगवान बसते

तुलसा तेरी डाली पर

एक और ब्रह्मा एक और ब्रह्माणी

बीच में वेदों के ज्ञान बसते

तुलसा तेरी डाली थी श्याम बसते

एक और विष्णु एक और लक्ष्मी

बीच में धन के भंडार बसते

तुलसा तेरी डाली पर

एक और भोला एक और गोरा

बीच में डमरू के तान बजते

तुमसा तेरी डाली पर श्याम बसता

एक और रिद्धि एक और सिद्धि

बीच में गणपति साक्षात

बसते तुलसा तेरी डाली पर

एक और राधा एक और रुक्मणी

बीच में कान्हा के प्राण बसते

तुलसा तेरी डाली पर

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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