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2026 Me Teej Kab Hai: साल 2026 में तीज कब- कब है? जानें अगले साल के हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज की सही तारीख

2026 Me Teej Kab Hai (2026 में तीज कब है): सुहागिन महिलाओं के लिए तीज का त्योहार बेहद खास होता है। मुख्य रूप से साल में तीन बार तीज आती है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाई जाती है। यहां हम आपको तीज 2026 के सही डेट्स के बारे में बता रहे हैं।

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हरियाली तीज, कजरी तीज, हरतालिका तीज कब है 2026 में (pic credit: iStock)

2026 Me Teej Kab Hai (2026 में तीज कब है): हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में तीन बार तीज का त्योहार मनाया जाता है। तीनों तीज के नाम हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज कहते हैं। सुहागिन महिलाओं के लिए तीनों ही तीज बेहद महत्वपूर्ण है। इन तीनों तीज में शादीशुदा लड़कियां अपने सुहाग की सुरक्षा के लिए व्रत रखती हैं। वैसे तो हरियाली तीज का त्योहार सावन में आता है, वहीं कजरी और हरतालिका तीज भादो यानी भाद्रपद मास में आती हैं। लेकिन आने वाले साल यानी साल 2026 में तीज कब मनाए जाएंगे, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां तीज की सही तारीख के बारे में बताया गया है।

तीज 2026 कैलेंडर (Teej 2026 In India Calendar)-

तीज के नामतारीखदिन हिंदू महीना
हरियाली तीज 202615 अगस्तशनिवारसावन मास
कजरी तीज 202631 अगस्तमंगलवारभाद्रपद मास
हरतालिका तीज 202614 सितंबरसोमवारभाद्रपद मास

हरियाली तीज 2026 कब है?

आने वाले साल में हरियाली तीज का त्योहार 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाया जाएगी। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। ये त्योहार खासतौर से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा में मनाई जाती है। हरियाली तीज को माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि 108 जन्मों तक तपस्या करके माता पार्वती ने शिवजी को इसी दिन पर ही पति के रूप में प्राप्त किया था।

कजरी तीज 2026 कब है?

कजरी तीज को कजली या बूढ़ी तीज भी कहा जाता है। इस तीज को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। अगले साल यानी साल 2026 में 31 अगस्त, मंगलवार को ये मनाया जाएगा। इस तीज में बेटियों को ससुराल में मायके की ओर से बायना भेजा जाता है। कजरी तीज पर महिलाएं शिव-पार्वती और चंद्रमा की पूजा करती हैं।

हरतालिका तीज 2026 कब है?

साल 2026 में 14 सितंबर, सोमवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। ये तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि माता पार्वती की सखियां इसी दिन ही उन्हें उनके पिता के घर से हरण करके जंगल ले गई थीं, ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा अनुसार भगवान शिव से हो सके। तीनों तीजों में हरतालिका तीज को सबसे कठोर व्रत माना जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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