आज का पंचांग 14 January 2026 (बुधवार): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे षटतिला एकादशी कहते हैं, क्योंकि आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी शाम 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, फिर द्वादशी लग जाएगी। नक्षत्र अनुराधा 15 जनवरी सुबह 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा, फिर ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में है। योग गण्ड शाम 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। करण कौलव 15 जनवरी सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 15 जनवरी सुबह 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। ये बहुत शुभ योग हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 45 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 15 जनवरी सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 30 मिनट 13 सेकंड और रात की 13 घंटे 29 मिनट 40 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण एकादशी शाम 5:52 तक, फिर कृष्ण द्वादशी। नक्षत्र अनुराधा 15 जनवरी सुबह 3 बजकर 3 मिनट तक, फिर ज्येष्ठा। करण तैतिल 15 जनवरी सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 1।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
14 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:15 से 2:57 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:43 से 6:10 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:45 से 7:06 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:23 से 5:10 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 15 जनवरी रात 12:03 बजे से सुबह 12:57 तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:15 से 15 जनवरी सुबह 3:03 तक
14 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:30 से 1:49 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:15 से 8:34 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 11:11 से दोपहर 12:30 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:51 बजे तक
- गंड मूल: पूरे दिन
- बाण: अग्नि – शाम 3:13 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सौम्य 15 जनवरी सुबह 3:03 तक। तमिल योग में सिद्ध 15 जनवरी सुबह 3:03 तक। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को (15 जनवरी सुबह 3:03 तक), फिर गुरु को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। नक्षत्र शूल 15 जनवरी सुबह 3:03 तक पश्चिम में। चंद्र वास उत्तर में। शिववास शाम 5:52 तक कैलाश पर, फिर नंदी पर। राहु वास दक्षिण-पश्चिम, कुंभ चक्र तल में।
आज अनुराधा नक्षत्र और चंद्रमा वृश्चिक में होने से साहस, रहस्य और परिवर्तन में सफलता मिलेगी। बुधवार होने से गणेश जी को दूर्वा-मोदक चढ़ाएं, गणेश अथर्वशीर्ष पढ़ें और हरे मूंग दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।
