Parvati Jayanti 2026: हरितालिका तीज से कितनी अलग है पार्वती जयंती, जानिए दोनों पर्वों का धार्मिक अंतर

Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती और हरितालिका तीज को कई लोग एक ही पर्व मान लेते हैं, जबकि दोनों का महत्व, उद्देश्य और पूजा-विधि अलग है। जानिए दोनों पर्वों के बीच का पूरा धार्मिक अंतर और इनके पीछे छिपी मान्यताएं।

Parvati Jayanti 2026: माता पार्वती से जुड़े कई पर्व सालभर में मनाए जाते हैं। इनमें पार्वती जयंती और हरितालिका तीज सबसे खास माने जाते हैं। चूंकि दोनों ही पर्व माता पार्वती से जुड़े हैं, इसलिए कई लोगों को लगता है कि ये एक ही त्योहार हैं या इनका महत्व भी एक जैसा है। लेकिन ऐसा नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दोनों पर्व अलग-अलग वजह से मनाए जाते हैं और इनका संदेश भी अलग है। एक दिन माता पार्वती के जन्म का उत्सव मनाया जाता है, जबकि दूसरा उनके तप, धैर्य और भगवान शिव को पति के रूप में पाने के संकल्प की याद दिलाता है। अगर आप भी इन दोनों पर्वों को लेकर उलझन में रहते हैं, तो आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पार्वती जयंती और हरितालिका तीज में आखिर क्या अंतर है।

Parvati Jayanti 2026

पार्वती तीज और हरितालिका तीज में क्या है अंतर

पार्वती जयंती का क्या महत्व है

पार्वती जयंती को माता पार्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन पर्वतराज हिमालय और माता मैना के घर देवी पार्वती का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन भक्त माता के जन्म का उत्सव मनाते हैं और उनकी पूजा करके परिवार की सुख-शांति, सौभाग्य और खुशहाली की कामना करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य माता के जन्म का स्मरण और उनकी कृपा प्राप्त करना होता है।

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