अध्यात्म

Navratri 2024 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi, Mantra, Aarti: महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा, यहां जानें विधि, मंत्र, भोग आरती

Navratri 2024 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi, Mantra, Aarti: नवरात्रि की महाष्टमी के दिन मां महागौरी पूजा का विधान है। मां महागौरी सुख और वैभव देने वाली मानी जाती हैं। यहां देखें महाष्टमी की पूजा विधि, मंत्र, भोग आरती।

Image

Mahagauri Puja Vidhi.

Navratri 2024 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi, Mantra, Aarti: नवरात्रि की अष्टमी तिथि मां महागौरी की पूजा को समर्पित है। इस साल महाष्टमी का व्रत 16 अप्रैल को रखा जा रहा है। इस दिन पूरे विधि- विधान के साथ मां महागौरी की उपासना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि मां महागौरी की पूजा करने से साधक को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। मां का स्वरूप बहुत ही करुणामयी और ममतामयी है। माता महागौरी की पूजा से शुक्र ग्रह को भी मजबूत किया जाता है। माता सफेद वस्त्र धारण करती हैं और वृषभ की सवारी करती हैं। आइए जानते हैं महाष्टमी पूजा विधि, मंत्र और भोग के बारे में।

Maa Mahagauri Puja Vidhi (मां महागौरी पूजा विधि)

  • महाष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नना करें और साफ वस्त्र पहनें।
  • इस दिन गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है।
  • उसके बाद मां महागौरी की मूर्ति स्थापित करें।
  • फिर मां को रोली, कुमकुम का तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें।
  • इस दिन माता रानी को नारियल का भोग लगाएं।
  • फिर कथा का पाठ करें और आरती करें।
  • इस दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान है।

Maa Mahagauri Rang (मां महागौरी प्रिय रंग)

माता महागौरी को सफेद रंग बहुत ही प्रिय है। इस दिन मां को सफेद रंग का वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।

Maa Mahagauri Bhog (मां महागौरी भोग)

नवरात्रि के अष्टमी के दिन मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना चाहिए। नारियल का भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और साधक की सारी मुराद पूरी करती हैं।

मां महागौरी मंत्र (Maa Mahagauri Mantra)

  • ललाटं कर्णो हुं बीजं पातु महागौरी मां नेत्रं घ्राणो। कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मा सर्ववदनो॥
  • श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
  • श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
  • या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां महागौरी आरती (Maa Mahagauri Aarti)

जय महागौरी जगत की माया।

जया उमा भवानी जय महामाया।

हरिद्वार कनखल के पासा।

महागौरी तेरा वहां निवासा।

चंद्रकली और ममता अम्बे।

जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे।

भीमा देवी विमला माता।

कौशिकी देवी जग विख्याता।

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।

महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।

सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।

उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।

तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।

तभी मां ने महागौरी नाम पाया।

शरण आनेवाले का संकट मिटाया।

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।

मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता।

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।

महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो।

TNN Sports Desk
TNN स्पोर्ट्स डेस्क author

खेलों की रोचक दुनिया में हर दिन, हर पल नए कारनामे और हलचल होती हैं। अगर आपकी खेलों में रुचि है और आप दुनियाभर की खेल गतिविधियों के पल-पल के अपडेट्स, घटनाओं और रिकॉर्ड्स से अपडेट रहना चाहते हैं, तो आपको इस प्लेटफॉर्म पर ये सबकुछ एक साथ मिल जाएगा। यहां न केवल आपको नई और रोचक जानकारियां मिलेंगी बल्कि खेल की दुनिया को देखने और समझने का एक नया नजरिया भी मिलेगा। तो आप भी टाइम्स नाउ नवभारत के स्पोर्ट्स सेक्शन से जुड़ें और रोजाना खेल की जोश, रोमांच, उत्साह और प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया के रोचक अपडेट्स के साथ अपने दिन को शानदार बनाएं।

और पढ़ें
End of Article